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UK ने Money Laundering और Terror Financing पर Pak को दिया झटका, High Risk Countries में किया शामिल

लंदन: ब्रिटेन (UK) ने पाकिस्तान (Pakistan) को तगड़ा झटका देते हुए उसे उच्च जोखिम वाले देशों (High Risk Countries) की श्रेणी में रखा है. यूनाइटेड किंगडम ने अपने मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering), टेरर फाइनेंसिंग (Terror Financing) से जुड़े नियमों में संशोधन किया है, जिसके तहत उन देशों की सूची तैयार की गई है, जहां मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग का सबसे ज्यादा खतरा है. इस सूची में उत्तर कोरिया, सीरिया, जिम्बाब्वे, सीरिया, यमन के साथ पाकिस्तान को भी जगह मिली है.  

पिछले महीने किया Amendment

यूके ने मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग और ट्रांसफर ऑफ फंड्स अधिनियम 2017 में पिछले महीने संशोधन किया है. ये संशोधन 26 मार्च से लागू हो गया है. ब्रिटेन ने इस संशोधन के जरिए यह साफ कर दिया है कि उसकी नजर में भी पाकिस्तान आतंकवाद (Terrorism) को वित्त पोषित करने वाले देशों में शुमार है. यूके के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इमरान खान (Imran Khan) के ‘नए पाकिस्तान’ की छवि प्रभावित होना लाजमी है. 

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Pakistan ने जताई आपत्ति

वहीं, ब्रिटेन की इस कार्रवाई का पाकिस्तान ने विरोध किया है. पाकिस्तान का कहना है कि यूके को अपने फैसले की समीक्षा करनी चाहिए, क्योंकि वो तथ्यों पर आधारित नहीं है. इस्लामाबाद ने लंदन से अपील करते हुए कहा है कि उसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए और राजनीति से प्रेरित उपायों से बचना चाहिए. हालांकि, पाकिस्तान की अपील पर ब्रिटेन ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.   

FATF पहले ही कर चुका है कार्रवाई

पाकिस्तान को यह झटका ऐसे समय लगा है, जब फाइनेंशियल टास्क फोर्स (FATF) उसे ग्रे लिस्ट से बाहर करने से पहले ही इनकार कर चुका है. पाकिस्तान 2018 से FATF की ग्रे लिस्ट में है, जिसकी वजह से उसे काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. इस साल फरवरी में हुई बैठक में FATF ने आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने और आर्थिक अपराध को रोकने के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित में नाकाम रहने पर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बनाए रखने का फैसला लिया था. एफएटीएफ ने कहा था कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध किए गए आतंकवादियों और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी.