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आइसलैंड में 800 साल से शांत ज्वालामुखी अचानक फटा, बहने लगा लावा-लाल हुआ आसमान, देखिए तस्वीरें

आइसलैंड (Iceland Volcano Eruption) में राजधानी रेक्यावीक (Reykjavik) से कुछ दूरी पर स्थित एक ज्वालामुखी फट गया है. जो 800 साल से शांत पड़ा था.

आइसलैंड की राजधानी रेक्यावीक से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक ज्वालामुखी अचानक से फट गया है. इसमें से लाल लावा बहने लगा, जिससे आसमान लाल रंग का हो गया (Iceland Volcano About to Erupt). ज्वालामुखी की रात के समय की भी तस्वीर सामने आई है. रेक्येनीस पेनिनसुला में मौजूद ये ज्वालामुखी पिछले 800 साल से शांत था.

सीस्मिक एक्टिविटी (Seismic Activity ) की निगरानी करने वाले आइसलैंड के मौसम विज्ञान कार्यालय ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘Fagradalsfjall में ज्वालामुखी विस्फोट शुरू हो गया (Iceland Volcano Activity Now). इससे लाल रंग का लावा बहने लगा है लेकिन नुकसान होने की संभावना कम है.’ घटना शुक्रवार रात 08:45 बजे की है.

ज्वालामुखी के लावा की चमक को 32 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता है. हालांकि ये जगह रिहायशी इलाके से दूर है. इसके पास की नजदीकी सड़क भी 2.5 मीटर की दूरी पर है. ऐसे में इलाके को खाली कराए जाने की कोई दिक्कत ही नहीं है. रेक्येनीस पेनिनसुला में ज्वालामुखी 781 साल से नहीं फूटा है.

यहां हाल ही में भूकंप के कई झटके महसूस किए गए थे, जिसके बाद ज्वालामुखी फटने की संभावना तेज हो गई थी. हालांकि विस्फोट से पहले सीस्मिक एक्टिविटी बंद हो गई थी (Iceland Volcano Eruption 2021). लेकिन फिर भी ये घटना हो गई, जो काफी हैरान करने वाली है.

बीते कुछ हफ्ते से इस क्षेत्र की निगरानी बढ़ गई थी क्योंकि रेकजाविक के बाहरी इलाके में माउंट किलिर के पास 24 फरवरी को भूकंप आया था. जिसकी तीव्रता 5.7 मापी गई थी (Iceland Volcano Alert). इस भूकंप के बाद भी ऐसे ही कई झटके महसूस किए गए थे. अब ज्वालामुखी फटने से दो तरफ से लावा बह रहा है.

एहतियात के तौर पर लोगों को सलाह दी गई है कि वह अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें. ताकि हवा में फैली जगरीली गैस से उन्हें कोई नुकसान ना हो. आइसलैंड में ज्वालामुखी की बात करें तो यहां इस समय 30 से अधिक ज्वालामुखी सक्रिय हैं (Iceland Volcano Active) और इनमें विलुप्त ज्वालामुखी भी शामिल हैं.

जिस जोन में आइसलैंड आता है, वहां दो महाद्वीप प्लेट एक दूसरे से दूर जाती हैं. एक ओर उत्तरी अमेरिकी प्लेट है, जो अमेरिका को यूरोप से दूर खींचती है. तो वहीं दूसरी तरफ यूरेशियन प्लेट है, जो दूसरी दिशा की ओर खींचती है. यहां साल 1784 में भी लाकी में विस्फोट हुआ था, जिससे सूखा पड़ गया था. साल 2010 में भी ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था, जिससे यूरोप में एयर ट्रैफिक बाधित हो गया था.

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