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जापान में भूकंप के जोरदार झटके, 7.2 मापी गई तीव्रता, सुनामी की चेतावनी जारी

जापान में भूकंप के तेज झटकों (Japan Earthquake) के बाद एक मीटर तक लहरें भी उठी हैं, जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है.

Strong Earthquake Struck in Japan: जापान की राजधानी तोक्यो (Japan Earthquake Areas) में जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिसकी तीव्रता यूएसजीएस के अनुसार 7.2 मापी गई है. तोक्यो में शाम छह बजकर 10 मिनट से ठीक पहले भूकंप आया था. यूएसजीएस ने बताया कि भूकंप का केंद्र जापान के इशिनोमाकी के 34 किलोमीटर पूर्व में और 60 किलोमीटर गहराई में था. यहां सुनामी को लेकर चेतावनी भी जारी कर दी गई है (Japan Earthquake and Tsunami). ताजा जानकारी के अनुसार, अभी तक किसी तरह के नुकसान या किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है.

हालांकि यहां एक मीटर तक सुनामी की लहरें उठी हैं. अभी यहां परमाणु संयंत्र की स्थिति देखी जा रही है. साथ ही स्थानीय रेलवे कंपनियों को सेवा निलंबित करने को कहा गया है. करीब 10 साल पहले साल 2011 में 11 मार्च वाले दिन भी जापान में भूकंप और सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की गई थी (Japan Earthquake Tsunami). तब यहां 9.0 की तीव्रता का भूकंप आया था. जिसके कारण भीषण सुनामी आई थी.

भूकंप-सुनामी से भारी तबाही मची थी

जापान में 2011 में शक्तिशाली भूकंप के बाद आई सुनामी और परमाणु त्रासदी को एक दशक पूरा हो गया है. त्रासदी के दौरान जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए लोग कब्रिस्तान और समुद्र तट पर पहुंचे थे. जापान के सम्राट नारूहितो और प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने तोक्यो में अपराह्न स्मारक पर एक मिनट मौन धारण कर त्रासदी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी थी (Japan Earthquake News). तब यहां भूकंप के बाद सुनामी से भारी तबाही मची थी. इसके कारण कई शहर बर्बाद हो गए थे और फुकुशिमा दाईची परमाणु संयंत्र भी क्षतिग्रस्त हो गया.

18 हजार से अधिक मौत

आपदा में 18,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और करीब पांच लाख लोग विस्थापित हुए थे. त्रासदी को 10 साल हो गए हैं लेकिन 40,000 लोग फुकुशिमा के आसपास अब भी घरों में लौट नहीं पाए हैं (Japan Earthquake 2011). आपदा के कारण परमाणु संयंत्र के प्रभावित होने से विकिरण फैल गया था. नारूहितो ने आपदा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा था कि इसके बाद कई लोगों की जिंदगी बदल गई, कई लोग बेरोजगार हो गए. सम्राट ने कहा था कि खासकर फुकुशिमा के आसपास रहने वाले जो लोग घर नहीं लौट पाए उनके लिए उन्हें बहुत दुख है.

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