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US 2021: 56 साल की कमला हैरिस ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेकर इतिहास रचा

वाशिंगटन। 56 साल की कमला हैरिस ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेकर इतिहास रचा। वे पहली महिला, अश्वेत और भारतवंशी उपराष्ट्रपति बनीं। कमला हैरिस को शपथ सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमायोर दिलाया। यह कार्यक्रम इस लिहाज से भी ऐतिहासिक होगा कि पहली अश्वेत दक्षिण एशियाई महिला उप राष्ट्रपति को पहली लातिन अमेरिकी न्यायमूर्ति द्वारा शपथ दिलाई गई।

बता दें कि कमला हैरिस का जन्म 1964 में ऑकलैंड में हुआ था। उनकी मां का नाम श्यामला गोपालन हैरिस था जबकि उनके पिता जमैका के रहने वाले हैं। उनका नाम डोनाल्ड हैरिस है। वह स्टैनफोर्ड यूनिवर्सि‍टी में इकनॉमिक्स के प्रोफेसर थे। कमला ने कहा कि उनकी मां की उनके जीवन में अहम भूमिका है। उन्‍होंने कहा कि मेरी मां ने मुझे और मेरी बहन माया को सिखाया कि आगे बढ़ते रहना हमारे और अमेरिका की हर पीढ़ी पर निर्भर करता है। उन्होंने हमें सिखाया कि केवल हाथ पर हाथ रखकर मत बैठो और चीजों के बारे में शिकायत मत करो, बल्कि कुछ करके दिखाओ। कमला को उनकी मां की सलाह हर रोज  प्रेरित करती है। यहीं कारण है कि आज हैरिस इस मुकाम तक पंहुच पाई है।

श्यामला गोपालन का सफरनामा

1958 में तमिलनाडु की रहने वाली श्यामला गोपालन ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उस जमाने में उन्‍होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले में अध्‍ययन के लिए हिलगार्ड स्‍कॉलरशिप परीक्षा पास किया। इस स्‍कॉलरशिप से श्‍यामला को अमेरिका आने का मौका मिला। 1960 में श्‍यामला ने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी बर्कले से अपनी मास्‍टर डिग्री पूरी की। डिग्री पूरी करने के बाद वह भारत नहीं लौटीं। 1962 में श्यामला के पति डोनॉल्‍ड हैरिस से उनकी पहली बार मुलाकात मुलाकात हुई। उस वक्‍त वह एक अमेरिकी-अफ्रीकी संघ को संबोधित कर रहे थे। श्यामला उनके भाषण से बहुत प्रभावित हुई थीं।

बता दें कि अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन हो रहा था, तब कमला हैरिस के माता-पिता ऑकलैंड की गलियों में न्याय के लिए रैलियां करने के दौरान छात्रों के तौर पर एक दूसरे से मिले। 5 जुलाई, 1963 में श्‍यामला ने अमेरिकी अफ्रीकी मूल के डोनॉल्‍ड हैरिस के साथ विवाह किया। 1964 में श्‍यामला ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले में डॉक्टरेट पूरा किया।

 

शपथ ग्रहण में शामिल नहीं होंगे कमला हैरिस के मामा

 

अमेरिका की नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के मामा गोपालन बालचंद्रन शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि महामारी अपने चरम पर है और ऐसे समय में खतरा मोल लेना ठीक नहीं रहेगा। अगर वह ऐसे समय अमेरिका जाते हैं तो अनावश्यक रूप से मीडिया का ध्यान आकर्षित होगा। नई दिल्ली में रहने बालचंद्रन से जब हैरिस को किसी तरह की सलाह देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मेरे पास उन्हें संदेश देने लायक कुछ भी नहीं है। उन्होंने यह सब अपने दम पर किया है। मैंने उन्हें उपराष्ट्रपति बनने में किसी तरह की मदद नहीं की। आपकी मां श्यामला ने जो कुछ भी सिखाया है, वह करें। अभी तक सब ठीक कर रही हैं। बस इसी तरह से लगी रहें।’

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