Breaking News

गीता जयंती: जानें हिंदू धर्म में क्यों है इस दिन का खास महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महाभारत युद्ध से पहले अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था. गीता महत्व हिंदू धर्म में बहुत अधिक है.

नई दिल्ली: गीता जयन्ती का दिन हिन्दुओं के पवित्र ग्रन्थ श्रीमद भगवद-गीता के जन्म का प्रतीक है. गीता जयंती हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्‍लपक्ष की एकादशी को मनाई जाती है. इस साल गीता जयंती (Geeta Jayanti 2020) आज यानी 25 दिसंबर को मनाई जा रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महाभारत युद्ध से पहले अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था. गीता महत्व हिंदू धर्म में बहुत अधिक है.

कुरुक्षेत्र में अर्जुन को श्रीकृष्ण ने ज्ञान का पाठ पढ़ाया था. कृष्ण जी ने उन्हें सही और गलत का अंतर भी बताया था. कृष्ण जी चाहते थे कि वो सही फैसला ले पाए और जीवन का सुदपयोग कर पाएं. जीवन जीने की अद्भुत कला गीता में वर्णित श्लोक में सीखाई गई है. हर परिस्थिति में धैर्य से काम लेना चाहिए यह गीता में ही सीखाया गया है. किस तरह हर परिस्थिति में धैर्य से काम लेना चाहिए यह सीखाया गया है. इसी के चलते आज भी हजार वर्षों से गीता जयंती प्रासंगिक है. इसके जरिए ही श्रीकृष्ण द्वारा कही गई गीता लोगों को अच्‍छे-बुरे कर्मों का फर्क समझाती है.

क्यों मनाया जाता है यह दिन

गीता जयंती पर हिंदू धर्म के महाग्रंथ गीता, भगवान श्रीकृष्ण और वेद व्यासजी की पूजा की जाती है. माना जाता है कि दुनिया में किसी भी पवित्र ग्रंथ का जन्मदिन नहीं मनाया जाता है. लेकिन श्रीमद्भागवत गीता की जयंती मनाई जाती है. इसके पीछे का कारण यह है कि अन्य ग्रंथ इंसानों द्वारा संकलित किए गए हैं लेकिन गीता का जन्म स्वयं भगवान श्री कृष्ण के मुंह से हुआ है.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *