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साथ आ रहे अमेरिका के दो सबसे बड़े ‘दुश्मन’, अगले हफ्ते चीन की यात्रा करेंगे रूसी विदेश मंत्री

रूस के विदेश मंत्री (Russian Foreign Minister) सर्गेई लावरोव अगले हफ्ते चीन की यात्रा करेंगे. उनकी यह यात्रा मानवाधिकार समेत कई मुद्दों पर चीन (China) और रूस के प्रति अमेरिका (America) के कठोर नीति पर आगे बढ़ने की योजना का मुकाबला करने के लिए इन दोनों देशों द्वारा अपने संबंधों को और मजबूत करने के प्रयासों के बीच हो रही है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने गुरुवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि लावरोव 22 मार्च को चीन पहुंचेंगे और इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान वह अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ द्विपक्षीय संबंधों, हाल के उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, साझा हितों के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

अमेरिका-चीन के बीच तीखी बयानबाजी

लावरोव की यह यात्रा गुरुवार को अलास्का में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुल्लिवान और चीनी राजनयिक यांग जीची और वांग के साथ हो रही पहली दो दिवसीय ‘उच्च स्तरीय रणनीति वार्ता’ की पृष्ठभूमि में होगी.

अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडेन के सत्ता संभालने के बाद अमेरिका और चीन के बीच की यह वार्ता हांगकांग, झिनजियांग, ताइवान और जापान से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी के बीच हो रही है. बुधवार को चीन ने अमेरिका-जापान संयुक्त बयान का विरोध किया था जिसमें चीन की विदेश नीति की आलोचना की गई थी. झाओ ने इसे ‘द्वेषपूर्ण हमला’ करार दिया.

बाइडेन ने पुतिन को बताया ‘हत्यारा’

गुरुवार को वाशिंगटन से आई खबर के अनुसार रूस बाइडेन प्रशासन के साथ बढ़ते तनाव के बीच अपने राजदूत को विचार विमर्श के लिए बुला रहा है. बाइडेन प्रशासन ने रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी को जहर दिए जाने को लेकर रूस पर पाबंदियां लगा दी है. बता दें कि नवलनी अब जेल में हैं. बुधवार को प्रसारित एक टेलीविजन इंटरव्यू में बाइडेन से पूछा गया था कि क्या उन्हें ऐसा लगता है कि पुतिन एक हत्यारे हैं? इस पर उनका जवाब था, ‘हां’.

पुतिन चाहते थे ट्रंप जीतें

रिपोर्ट से जुड़े एक सवाल के जवाब में बाइडेन ने कहा कि पुतिन को कीमत चुकानी होगी. वहीं पुतिन ने बाइडेन की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि यह अमेरिका के अपने इतिहास को दिखाती है. अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय से सामने आई गोपनीय रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले साल नवंबर में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मदद पहुंचाने को मंजूरी दी थी.

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