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कोरोना काल में इंसान ही नहीं जानवर भी परेशान, खाने की तलाश में शहरों में घुसी जंगली बकरियां

कार्डिफ: कोरोना महामारी के दौरान हिंदुस्तान की सड़कों पर आपने लोगों का हुजूम देखा होगा. किस तरह से लोग अपनी जान हथेली पर लेकर एक राज्य से दूसरे राज्य, एक शहर से दूसरे शहर और शहरों से गांवों की ओर जाते दिखे. लॉकडाउन की वजह से इंसानों को खाने के लाले पड़े थे, तो जानवरों का भी बुरा हाल था. चूंकि सड़कों पर कोई चलने वाला नहीं था, ऐसे में वेल्श के एक शहर की सड़कों पर बकरियों का झुंड निकल पड़ा और देखते ही देखते शहर की अहम सड़कों पर उनका जमावड़ा हो गया. हालांकि इसके पीछे की एक दूसरी भी वजह थी. ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही हैं.

वेल्श की सड़कों पर कश्मीरी बकरियां

हमारी सहयोगी वेबसाइट डीएनए के मुताबिक, वेल्श के शहर लंदुद्नो की सड़कों पर दिख रही ये बकरियां कश्मीरी बकरियां हैं. दरअसल, मौसम एक जैसा होने की वजह से वहां के जंगलों में कश्मीरी बकरियां मिलती हैं. ये बकरियां इधर उधर घूमती रहती हैं. लोग उनके बीच से गुजरते समय उन्हें भी कुछ खाने को देते रहते हैं. ऐसे में जब लॉकडाउन हुआ, तो सड़कों पर इंसानी आमद खत्म हो गई. इसके बाद लंदुद्नो की सड़कों पर बकरियों का हुजूम उमड़ने लगा.

सिर्फ भोजन ही वजह नहीं?

वेल्श में जंगली बकरियों की आबादी में लगातार बढ़त को रोकने के लिए गर्भनिरोधन का रास्ता अपनाया जाता है. लेकिन लॉकडाउन होने की वजह से बकरियों के लिए पहुंचने वाली डॉक्टरी सहायता भी रुक गई थी. ऐसे में लॉकडाउन के दौरान उनकी आबादी तेजी से बढ़ी. हालांकि अब विशेषज्ञों के सामने एक और समस्या खड़ी हो गई है.

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सड़क दुर्घटना के मामले बढ़ने का डर

वेल्श के अधिकारियों ने बकरियों की अनियंत्रित आबादी और उनके सड़कों पर आने की वजह से चिंतित हैं. उनका कहना है कि पहले बकरियां जंगलों में रहती थी, तो सड़कों पर दुर्घटनाएं कम होती थी. ऐसे में जब वो सड़कों के माध्यम से शहरों का मुंह देख चुकी हैं, तो अब दुर्घटनाएं बढ़ जाएंगी. क्योंकि अचानक किसी वाहन के सामने 8-10 बकरियों के आने की सूरत में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं का डर बढ़ गया है.

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