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PAK जबरन धर्म परिवर्तन मामला: कोर्ट में लड़की के बयान ने सभी को चौंका दिया, वकील ने की ‘मेडिकल बोर्ड’ के गठन की मांग

पाकिस्तान (Pakistan) में कथित जबरन धर्म परवर्तन (Forcibly Converted) के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. हिंदू लड़की (Hindu Girl) ने कोर्ट में दिए अपने बयान (Statement) में कहा कि उसने बिना किसी दबाव के अपना धर्म परिवर्तित किया है. वहीं लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने जबरन उसका धर्म परिवर्तित कराया है.

मामले की सुनवाई करते हुए पाकिस्तान के सिंध की एक अदालत ने हिंदू लड़की को बाल संरक्षण केंद्र भेज दिया है. बुधवार को अदालत में लड़की का बयान दर्ज कराया गया. उसे पुलिस सुरक्षा के साथ आश्रय गृह से उत्तरी सिंध के काश्मोर कंधकोट की तहसील तंगवानी के सिविल जज मुनव्वर पीरज़ादा की कोर्ट में पेश किया गया.

क्यों की मेडिकल बोर्ड के गठन की मांग?

बयान में लड़की ने कहा कि भरचोंडी दरगाह पहुंचकर उसने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तित किया, जिसके बाद अब उसका नाम उम्मे हिना हो गया है. लड़की के माता-पिता के वकील अब्दुल गनी बिजरानी ने कोर्ट में कहा कि लड़की अभी नाबालिक है. कोर्ट से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए ताकि पता लगाया जा सके कि उसके साथ बलात्कार तो नहीं किया गया.

बता दें कि सिंध में निकाह की उम्र कम से कम 18 साल है. इससे कम उम्र में शादी करने या शादी में सहयोग पर मुकदमा दर्ज किया जा सकता है. वकील अब्दुल गनी ने आरोप लगाया कि सिंध चाइल्ड मैरिज रेस्ट्रेन्ट एक्ट के तहत मैरिज सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है इसलिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर मामले की जांच की जाए.

मामले को आतंकवाद निरोधक अदालत ट्रांसफर किया जाए

वकील ने कोर्ट में एक लिखित अनुरोध में कहा कि इस मामले को आतंकवाद निरोधक अदालत में ट्रांसफर किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि 18 साल के कम उम्र की लड़की का अपहरण एटीए की धारा 364 के अंतर्गत आता है लिहाजा इसकी सुनवाई आतंकवाद निरोधक अदालत में होनी चाहिए. उन्होंने अदालत से लड़की को माता-पिता या बाल आश्रय गृह भेजने की मांग की क्योंकि वो गैर-महरम लोगों के साथ नहीं रह सकती, जिसके बाद कोर्ट ने उसे सुक्कुर आश्रय गृह भेजने का आदेश जारी कर दिया.

वहीं भरचोंडी के पीर के वकील सईद अहमद बिजरानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लड़की की उसके माता-पिता के साथ अकेले में मुलाकात कराई गई और उसके बयान दर्ज किया गया. उन्होंने कहा कि लड़की अपनी इस्लामी शिक्षा जारी रखने के लिए भरचोंडी पीर जाने की मांग कर रही है. उन्होंने कोर्ट से मांग करते हुए कहा था कि उसे दरगाह भरचोंडी भेजा जाना चाहिए.

क्या है मामला?

बता दें कि कविता बाई नाम की 13 वर्षीय एक हिंदू लड़की को कथित तौर पर बाल्खानी जनजाति के एक व्यक्ति ने अगवा कर लिया था. इसके बाद बरेलवी धर्मगुरु मियां मिट्ठू ने नाबालिग का जबरन इस्लाम में धर्म परिवर्तन करवाया. फिर उसकी अपहरणकर्ता से शादी करवा दी गई. धर्मांतरण को लेकर आयोजित हुए एक कार्यक्रम की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. यह घटना सिंध के काशमोर जिले के तंगवानी तालुका में हुई थी.

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