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अमेरिका से बात करने को तैयार नहीं तानाशाह किम जोंग, बातचीत से पहले बाइडेन के सामने रखी ये शर्त

उत्तर कोरिया (North Korea) और अमेरिका (America) के बीच जारी तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. वाशिंगटन ने प्योंगयांग को बातचीत की टेबल पर बुलाया है. लेकिन उत्तर कोरिया ने इसे नजरअंदाज कर दिया है. इसने कहा है कि जब तक वाशिंगटन (Washington) प्योंगयांग (Pyangyong) के प्रति अपनी शत्रुतापूर्ण नीतियों (Hostile Policy) को खत्म नहीं करेगा, तब तक वह बातचीत को नजरअंदाज करता रहेगा.

उत्तर कोरिया का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन ने कहा था कि उसने प्योंगयांग से विभिन्न माध्यमों से संपर्क साधने का प्रयास किया लेकिन बदले में कोई जवाब नहीं मिला. देश के विदेश मंत्री चो सोन हुई (Choe Son Hui) की ओर से ये बयान दक्षिण कोरिया और अमेरिका के शीर्ष राजनयिकों और रक्षा प्रमुखों के बीच सियोल में होने वाली बैठक से कुछ घंटे पहले आया है. यह संयुक्त बैठक उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम (Nuclear programme) पर चर्चा करने के लिए पांच वर्षों में पहली बार होने जा रही है.

भविष्य में भी नहीं होगी अमेरिका से बातचीत: विदेश मंत्री

सरकारी मीडिया ने चो के हवाले से कहा, हमें ऐसा नहीं लगता है कि अमेरिका के टालने वाले रवैये पर प्रतिक्रिया देने की कोई जरूरत है. हम पहले ही अपना रुख बता चुके हैं कि उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच तब तक कोई वार्ता नहीं हो सकती है जब तक अमेरिका उत्तर कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण नीतियों को बंद नहीं करता है. इसलिए हम भविष्य में भी अमेरिका की तरफ से बातचीत के लिए होने वाली किसी भी कोशिश को नजरअंदाज करेंगे.

प्योंगयांग ने कहा- प्रतिबंधों को हटाए अमेरिका

उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका नीत बातचीत पिछले दो वर्षों से लंबित है. इसके पीछे की वजह उत्तर कोरिया अमेरिका के नेतृत्व में अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों को हटाने की मांग कर रहा है. विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर चर्चा जारी है कि क्या अमेरिका और उसके सहयोगियों को एक समझौते पर आना चाहिए जिसमें उत्तर कोरिया को प्रतिबंधों में राहत दी जाए. बदले में उसे परमाणु हथियारों को आगे विस्तार देने से रोका जा सके. इस सप्ताह की शुरूआत में अमेरिका के विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकेन ने टोक्यो की यात्रा के दौरान कहा था कि वाशिंगटन ने फरवरी माह के मध्य से कई माध्यमों के जरिए उत्तर कोरिया से संपर्क किया लेकिन उधर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

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