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किसान संगठनों ने कहा- सरकार बरगला रही, अब हम एनडीए के नेताओं का घेराव करेंगे

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा- आम व्यक्ति यही सोचेगा कि किसान जिद्दी हैं लेकिन तथ्य यह है कि हम कृषि कानूनों में संशोधन नहीं चाहते हैं, हम चाहते हैं कि वे पूरी तरह से रद्द किए जाएं

नई दिल्ली: सिंघू बॉर्डर पर किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंढेर (Sarwan Singh Pandher) ने आज कहा कि ”सरकार ने कृषि कानूनों पर अपना रुख साफ कर दिया है कि वह उन्हें वापस नहीं लेगी. सरकार ने पत्र जारी किया है जिसमें कहा है कि यदि किसान कानूनों (Farm Laws) में संशोधन चाहते हैं तो वे बातचीत के लिए समय और तारीख तय करके बताएं. यह सरकार का आगे बढ़ने वाला एक कदम नहीं है, बल्कि किसानों को बरगलाए जाने का एक तरीका है. एक सामान्य व्यक्ति यही सोचेगा कि किसान जिद्दी हैं लेकिन तथ्य यह है कि हम कृषि कानूनों में संशोधन नहीं चाहते हैं, हम चाहते हैं कि वे पूरी तरह से रद्द किए जाएं.” दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चे ने आंदोलन तेज करने और बीजेपी (BJP) और एनडीए (NDA) के नेताओं का घेराव करने की चेतावनी दी है. भारतीय किसान यूनियन और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (पंजाब की 30 जथेबंदियों से अलग संगठन ) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि ”केंद्र सरकार द्वारा जो चिट्ठी भेजी गई उस पर चर्चा हुई है लेकिन जो चिट्ठी भेजी गई उसमें सरकार का कदम किसान संगठनों को चक्रव्यूह में लेने का एक कदम है. हम कृषि बिल रदद् करने की मांग कर रहे है जबकी चिट्ठी में सिर्फ संशोधन की बात है.”

उन्होंने कहा कि ”बातचीत केंद्र सरकार से इसी बात पर टूटी थी कि हमें संशोधन मंजूर नहीं है. यानी बात जहां टूटी थी वहीं पर है. केंद्र छल वाली नीति अपना रहा है. चिट्ठी में कुछ भी ऐसा नहीं है जिस पर बातचीत हो. इस चिट्ठी में ये भी ज़िक्र नहीं है कि किस से मीटिंग करवाएंगे. गृह मंत्री से मीटिंग करने की क्या उपयोगिता है? हम फरियादी हैं जो एक महीने से आपके दरवाज़े पर बैठे हैं.”

जोगिंदर उग्राह ने कहा कि ”ये अभी हमारी दो जथेबंदियों की राय है कि चिट्ठी को लेकर, मीटिंग में जाना है या नहीं, ये तय करेंगे.” संयुक्त किसान मोर्चे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब की जम्हूरी किसान सभा के नेता कुलबंत संधू ने कहा कि ”सरकार से जो चिठ्ठी मिली है, उसके बारे में कल फैसला लिया जाएगा. कल शहीदी दिवस मनाया. आने वाले दिनों में 23 और 26 दिसम्बर को शहीदी दिवस मनाएंगे.” उन्होंने कहा कि ”आंदोलन और तेज करेंगे. 25, 26, 27 दिसंबर को हरियाणा के टोल प्लाजा फ्री करेंगे. एनडीए और बीजेपी के नेताओं को घेरेंगे.” उन्होंने कहा कि इंग्लैड के 36 सांसदों ने वहां के भारतीय दूतावास को पत्र लिखा है. सिंघू बॉर्डर पर सड़क पर ही पंजाब के किसानों ने ओपन जिम खोल दी है. किसान कसरत कर रहे हैं. वे जिम करने वाले लोगों को प्रोटीन भी देते हैं.

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