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अमेरिकी रक्षा मंत्री को सीनेटर ने लिखा पत्र, कहा- भारत पहुंचते ही S-400 हेलिकॉप्टर खरीद और मानवाधिकार का मुद्दा उठाएं

US Senator Urges Lloyd Austin to Raise Russian S-400 Purchase Issue With India: अमेरिका के रक्षा मंत्री (US Defence Secretary) लॉयड ऑस्टिन (Lloyd Austin) अगले हफ्ते भारत दौरे पर आ रहे हैं. इससे पहले ही एक अमेरिकी सीनेटर ने उनसे अनुरोध किया है कि वह इस यात्रा के दौरान एस-400 मिसाइल प्रणाली (S-400 Missile System) खरीद का मुद्दा उठाएं और मानवाधिकारों के मुद्दे पर बातचीत करें. सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर रॉबर्ट मेनेंडेज ने ऑस्टिन को लिखे एक पत्र में कहा, ’21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने के लिए अमेरिका-भारत (US-India) के बीच सही साझेदारी महत्वपूर्ण है और इसमें भारत सरकार से लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों को बरकरार रखने का अनुरोध करना भी शामिल है.’

इस पत्र की प्रति बुधवार को मीडिया को जारी की गई है. ऑस्टिन का 19 से 21 मार्च के दौरान अपनी भारत यात्रा (Lloyd Austin India Visit) में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh), विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (NSA Ajit Doval) से मुलाकात का कार्यक्रम है. ऑस्टिन पहले ऐसे अमेरिकी विदेश मंत्री हैं, जिन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को शामिल किया है. मेनेंडेज ने कहा है, ‘आपकी आगामी यात्रा के दौरान भारतीय समकक्षों से मुलाकात के दौरान मैं आपसे सुरक्षा सहयोग समेत सभी मुद्दों पर स्पष्ट रुख रखने का अनुरोध करता हूं. अमेरिका-भारत संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होने चाहिए.

‘प्रतिबंधों के दायरे में आती है खरीद’

ऐसी खबरें हैं कि भारत की रूसी एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने की योजना है. इसपर मेनेंडेज ने कहा कि अगर भारत यह मिसाइल प्रणाली खरीदने की राह पर बढ़ता है तो यह स्पष्ट तौर पर रूस के साथ रक्षा क्षेत्र में खरीदारी संबंधी प्रतिबंधों के दायरे में आता है. उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि भारत अमेरिकी व्यापार संधि (Defence Deal) का हिस्सा नहीं है और उसके सोवियत और रूसी सेनाओं के साथ ऐतिहासिक संबंध हैं. हालांकि अगर भारत एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदता है तो यह सीएएटीएसए के अनुच्छेद 231 के तहत रूस (Russia) के साथ रक्षा क्षेत्र में खरीदारी संबंधी प्रतिबंधों के दायरे में आता है.’

ये मुद्दे उठाने को भी कहा

अमेरिकी सांसद ने कहा, ‘नए कृषि कानूनों (Farm Laws) का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे किसानों, पत्रकारों और सरकारी आलोचकों पर कार्रवाई भारत में लोकतंत्र की बिगड़ती स्थिति को दर्शाती है. उन्होंने कहा, ‘हाल के वर्षों में मुस्लिम विरोधी भावनाएं उग्र होने और नागरिकता संशोधन कानून जैसी सरकार की कार्रवाई, राजनीतिक संवाद खत्म होने और कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद राजनीतिक विरोधियों की गिरफ्तारी और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ राजद्रोह कानूनों के इस्तेमाल से मानवाधिकारों के लिहाज से भारत की स्थिति को नुकसान पहुंचा है.

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