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इजरायल-फिलिस्तीन शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने में मदद करे भारत: कुवैती विदेश मंत्री

इजरायल (Israel) और फिलिस्तीन (Palestine) के बीच लंबे समय से शांति प्रक्रिया (Peace Process) ठंडी पड़ी हुई है. ऐसे में कुवैत (Kuwait) ने कहा है कि भारत और विश्व समुदाय को इसे फिर से शुरू करने में मदद करनी चाहिए. कुवैत के विदेश मंत्री अहमद नसीर अल-मोहम्मद अल-सबाह (Ahmed Nasser al-Mohammed al-Sabah) ने कहा कि इजरायल-फिलिस्तीन के बीच शांति प्रक्रिया के ऐसे ही ठंडे बस्ते में पड़े रहने से इसमें होने वाला संभावित विकास खत्म हो जाएगा.

कुवैती विदेश मंत्री अल-सबाह भारत दौरे पर पहुंचे हैं. यहां अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर (S Jaishankar) से मुलाकात से पहले उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन किया. इस दौरान उन्होंने इजरायल-फिलिस्तीन की शांति प्रक्रिया में भारत के महत्व को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि गुरुवार को होने वाली एस जयशंकर संग उनकी बैठक में कुवैत और भारत के बीच व्यापक सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. खाद्य सुरक्षा, व्यापार और निवेश जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के आगे बढ़ने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा.

भारत समेत पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को शांति प्रक्रिया का करना चाहिए समर्थन

अल-सबाह ने कहा, हमें लगता है कि शांति प्रक्रिया बेहद जरूरी है. हमें लगता है कि यह सही अवसर है, जब इजरायली और फिलिस्तीनियों के बीच शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करना चाहिए. अगर हमें इसे ऐसे ही लटकते हुए छोड़ देते हैं तो ये इस दिशा में होने वाले विकास को प्रभावित कर देगा. उन्होंने कहा, भारत समेत पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसे समर्थन देना चाहिए. हमें लगता है कि इस मुद्दे को बहुत लंबा समय हो गया है और इसने बहुत खून-खराबा मचाया है. महत्वपूर्ण रूप से इसने क्षेत्र में और फिलिस्तीनियों के बीच निराशा पैदा की है. हमें शांति प्रक्रिया का समर्थन करते हैं. साथ ही क्षेत्र में प्रभावित लोगों के लिए आशा को दोबारा लाने के लिए इसे फिर से शुरू करना जरूरी है.

कोरोना के कठिन समय में मदद के लिए भारत की तारीफ की

कुवैती विदेश मंत्री ने कुवैत के सबसे काले क्षणों और दुख की घड़ी में भारत के साथ खड़े होने पर इसकी प्रशंसा की. उन्होंने पिछले साल कोविड-19 महामारी के चरम पर पहुंचने पर भारत द्वारा मुहैया कराई गई चिकित्सा सहायता को भी रेखांकित किया. उन्होंने कुवैत में कोविड-19 से लड़ने में देश की मदद करने वाले भारतीय मूल के नर्सों और डॉक्टरों को ‘व्हाइट आर्मी’ कहा. अल-सबाह ने कहा, जब भारत में पूरी तरह से लॉकडाउन लागू था. उस दौरान भी भारतीय नेतृत्व ने कुवैत को मेडिकल सहायता मुहैया कराई. हम इस बात की सराहना करते हैं. बता दें कि भारत ने संक्रमित लोगों के इलाज और जांच के लिए पिछले साल अप्रैल में एक मेडिकल रैपिड रिस्पांस टीम को कुवैत भेजा था.

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