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कौन ज्यादा खूंखार, किसने मचाया सबसे ज्यादा कत्लेआम? हिटलर या किम जोंग

दुनिया के इतिहास पर एक नजर डालें तो ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे, जिनमें सरकारों के रूप में तानाशाहों (Dictators) ने देश पर राज किया. इन तानाशाहों ने अपने ही देश में अपने ही लोगों का खून बहाया. आज हम आपको ऐसे ही खूंखार तानाशाहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका रहम शब्द से दूर-दूर तक कुछ लेना देना नहीं था. चलिए जानते हैं कि किस तानाशाह के राज में कितनी हत्याएं हुईं (Which Dictator Killed Most People). ये आंकड़े सक्रिय तौर पर सैन्यबल द्वारा की गई हत्या और राष्ट्रीय नीतियों के चलते होने वाली मौत पर आधारित हैं.

माओत्से तुंग (Mao Zedong) को चीन का क्रांतिकारी और राजनैतिक विचारधारा वाला इंसान माना जाता है, जो कम्युनिस्ट पार्टी के नेता थे. इनके नेतृत्व में चीन की क्रांति (Chinese Revolution) को सफलता मिली थी. माओ के राज में 1946 से लेकर 1976 तक (30 साल) औसतन 31,998,894 (3 करोड़ 19 लाख 98 हजार 894) लोगों की मौत हुई थी. जिसके पीछे का कारण अमानवीय आर्थिक नीतियां जैसे ग्रेट लीप फॉरवर्ड, जबरन मजदूरी, हिंसक तरीकों का इस्तेमाल कर सांस्कृतिक क्रांति करना, भूमि सुधार के माध्यम से किसी एक वर्ग का विनाश करना शामिल है. इन नीतियों का विरोध करने वालों का भी खूब खून बहाया गया था.3/9

राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन (German) कामगार पार्टी (NSDAP) से ताल्लुक रखने वाले एडॉल्फ हिटलर (Adolf Hitler) एक जर्मन शासक थे. उनके राज में 1934 से लेकर 1945 तक (11 साल) औसतन 18,564,944 (1 करोड़ 85 लाख 64 हजार 944) लोगों की मौत हुई थी. सबसे अधिक हत्याएं यहूदियों का नरसंहार करने पर हुईं. मृतकों में जिप्सी (रोमा समुदाय के लोग), सर्बिया के लोग, गुलाम, विकलांग, समलैंगिकों, युद्ध बंदी और यहूदियों के गवाह शामिल हैं. ये मौतें जर्मनी के नियंत्रण वाले यूरोपीय देशों में हुई थीं.

सोवियत संघ (Soviet Union) की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव जोसेफ स्टालिन (Joseph Stalin) के शासन के दौरान 1922 से लेकर 1953 तक (31 साल) औसतन 11,416,182 (1 करोड़ 14 लाख 16 हजार 182) लोगों की मौत हुई थी. ये सभी मौत रूसी साम्राज्य में हुईं. जिनका कारण भुखमरी, नरसंहार, लेबर कैंप में मारना, फांसी देना, युद्ध बंदियों की हत्या करना शामिल है. एक लेखक ने पहले मौत का आंकड़ा 3 करोड़ बताया था, बाद में फिर आंकड़ा 2 करोड़ बताया गया. जिसे औसतन 1 करोड़ 14 लाख के करीब माना जाता है. अमेरिकी लेखक टिमोथी डी. स्नाइडर ने साल 2011 में कहा था कि स्टालिन के राज में औसतन 60 लाख से 90 लाख लोगों को मारा गया था.

उत्तर कोरिया (North Korea) में इस समय तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong-un) का राज है. इससे पहले यहां उनके पिता किम जोंग इल (Kim Jong-il) और दादा किम इल संग (Kim Il-sung) का राज था. यहां लोगों की हत्याओं का दौर साल 1948 में शुरू हुआ था, जो अब भी जारी है. अभी तक औसतन 1,576,388 (15 लाख 76 हजार 388) लोगों की मौत हुई है. यहां सरकार के खिलाफ बोलने पर लोगों को यातना शिविरों में डाल दिया जाता है. उनसे गुलामी करवाई जाती है, यातनाएं दी जाती हैं, भूखा रखा जाता है, गोली मार दी जाती है, जहरीली गैस से मारा जाता है और इंसानों के शरीर पर तरह-तरह के प्रयोग किए जाते हैं. यहां मानवता के खिलाफ होने वाला हर काम आज भी होता है.

अफ्रीकी देश सुडान (Sudan) के पूर्व राष्ट्रपति ओमर अल-बशीर (Omar al-Bashir) के शासनकाल में साल 1989 से लेकर 2019 (29 साल) के कार्यकाल के दौरान औसतन 1,639,936 (16 लाख 39 हजार 936) लोगों की मौत हुई है. इनमें 10-20 लाख मौत दूसरे सुडान गृह युद्ध में हुई हैं. वहीं 63,000 से 530,000 लोगों की मौत डार्फर नरसंहार में हुई हैं.

करीब दो दशक तक इराक (Iraq) के राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने वाले सद्दाम हुसैन (Saddam Hussein) के शासनकाल में साल 1979 से लेकर 2003 तक (24 साल) औसतन 632,456 (6 लाख, 32 हजार 456) लोगों की मौत हुई है. उन्होंने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया, जिसे दुनिया में सबसे अधिक डराने वाला माना जाता है. इन लोगों की मौत खुफिया पुलिस के द्वारा, देश में फैले आतंकवाद, लोगों का उत्पीड़न, बड़े स्तर पर हुई हत्याएं, किसी एक जाति या वर्ग का सफाया करना, रेप, न्यायालय द्वारा मिली मौत की सजा, युद्ध में कैमिकल का इस्तेमाल और दक्षिणी इराक में विरोधियों का खातमा करने के लिए अपनाए गए हिंसक तरीकों के कारण हुई हैं.

बेनिटो मुसोलिनी (Benito Mussolini) ने यूरोपीय देश इटली (Italy) की राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी का नेतृत्व किया था. मुसोलिनी हिटलर के करीबी थे और इटली के पूर्व प्रधानमंत्री थे. उनके शासनकाल में साल 1922 से लेकर 1945 तक (24 साल) औसतन 314,998 (3 लाख 14 हजार 998) लोगों की मौत हुई थी. ये मौत इटली, लीबिया, इथियोपिया, यूगोस्लाविया और ग्रीस में हुईं. ये मौत इटली-लीबिया युद्ध, इटली इथियोपिया युद्ध, ग्रीस और यूगोस्लाविया में हुए युद्ध अपराध के दौरान हुई थीं.

अफ्रीकी देश यूगांडा (Uganda) के पूर्व राष्ट्रपति ईदी अमीन (Idi Amin) के शासनकाल में साल 1971 से लेकर 1979 तक (8 साल) औसतन 223,607 (2 लाख 23 हजार 607) लोगों की मौत हुई थी. उनके राज में मानवाधिकारों का खूब उल्लंघन हुआ. उन्होंने जातीय अल्पसंख्यकों और राजनीतिक विरोधियों के साथ घोर अमानवियता दिखाई थी. लोग अमीन को ‘यूगांडा का कसाई’ भी कहा करते थे. ईदी अमीन के खूंखार होने का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वह इंसानों को मारने के बाद उनका मांस तक खा जाते थे.

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