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Burqa Ban नहीं करेगा Sri Lanka, Pakistan सहित मुस्लिम देशों के विरोध के बाद सरकार ने पीछे खींचे कदम

कोलंबो: श्रीलंका (Sri Lanka) ने बुर्के पर प्रतिबंध (Burqa Ban) लगाने के मामले में यू-टर्न ले लिया है. पाकिस्तान (Pakistan) सहित मुस्लिम देशों के विरोध को देखते हुए सरकार इस मुद्दे पर आगे बढ़ने के मूड में नहीं है. श्रीलंका का कहना है कि बुर्के पर प्रतिबंध का महज प्रस्ताव रखा गया था और इस विषय में कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी. सर्वसम्मति बनने के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा. बता दें कि पब्लिक सिक्योरिटी मिनिस्टर सरथ वीरसेकेरा (Sarath Weerasekera) ने शनिवार को कहा कि बुर्के पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. अब विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है और यह महज एक प्रस्ताव था.

Ambassador ने जताई थी नाराजगी

हमारी सयोगी वेबसाइट WION के अनुसार, श्रीलंकाई सरकार ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि सभी पक्षों से बातचीत और आम सहमति के बाद ही बुर्के पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया जाएगा. श्रीलंका ने पाकिस्तान के तीखे विरोध के बाद अपने कदम वापस लिए हैं. श्रीलंका में पाकिस्तान के राजदूत साद कट्टक (Saad Kattak) ने बुर्के पर प्रतिबंध की आलोचना करते हुए कहा था कि इससे न केवल श्रीलंका बल्कि पूरी दुनिया के मुस्लिमों की भावनाओं को चोट पहुंचेगी.

Maldives भी था खिलाफ

पाकिस्तान की तरह मालदीव के राजनयिक अहमद शहीद (Ahmed Shaheed) ने भी श्रीलंकाई सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि बैन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है, जो धार्मिक विश्वास और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं. बता दें कि अहमद शहीद संयुक्त राष्ट्र के धार्मिक स्वतंत्रता के विशेष दूत की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. बात केवल पाकिस्तान और मालदीव की नाराजगी की ही नहीं है, श्रीलंका को अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकारों के मुद्दे पर होने वाली वोटिंग की भी चिंता है.

पीछे हटने की ये है प्रमुख वजह

पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित 47 देश अगले हफ्ते जिनेवा में होने वाली वोटिंग में हिस्सा लेंगे. इसमें श्रीलंका में मानवाधिकारों की स्थिति पर वोट डाले जाएंगे. ऐसे में यदि श्रीलंका बुर्के पर प्रतिबंध लगाता है, तो उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. पूरी मामले पर नजर रखने वालों का कहना है कि अगर श्रीलंका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में कोई प्रस्ताव पारित होता है, तो उसे दशकों तक चले गृहयुद्ध को लेकर कई सवालों के जवाब देने होंगे. इसलिए सरकार ने बुर्के पर प्रतिबंध को टाल दिया है,ताकि मुस्लिम देशों की नाराजगी दूर की जा सके.

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