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Coal Smuggling Case: सीएम ममता के भतीजे Abhishek Banerjee पर CBI का शिकंजा, पूछताछ के लिए रिश्तेदारों को नोटिस जारी

नई दिल्ली: सीबीआई (CBI) ने कोयला तस्करी मामले (Coal Smuggling Case) में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के परिवार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. एजेंसी ने ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के परिवार से जुड़ीं मेनका गंभीर (Maneka Gambhir) और उनके ससुरालियों को जांच में शामिल होने का नोटिस जारी किया है.

ममता बनर्जी के भतीजे हैं अभिषेक बनर्जी

बताते चलें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के भतीजे अभिषेक बनर्जी हैं. वे डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं. पार्टी में उनकी नंबर-2 की पोजिशन मानी जाती है. मेनका गंभीर (Maneka Gambhir) उनकी पत्नी रुजिरा की बहन हैं. सीबीआई ने नोटिस जारी कर कहा है कि मेनका गंभीर के पति अंकुश अरोड़ा और अंकुश के पिता पवन अरोड़ा पूछताछ में शामिल होने के लिए 15 मार्च को उसके सामने पेश हों.

अभिषेक की पत्नी और रिश्तेदार से पूछताछ

सीबीआई (CBI) ने इससे पहले फरवरी में रुजिरा और मेनका गंभीर (Maneka Gambhir) से इस घोटाले (Coal Smuggling Case) में उनकी मिलीभगत जानने के लिए पूछताछ की थी. सूत्रों के मुताबिक, मेनका गंभीर ने पूछताछ में सीबीआई को बताया था कि उन्हें कुछ भी पता नहीं है. उन्होंने दावा किया था कि इस बारे में उनके पति और ससुर को ही पता था कि क्या हो रहा है. इसके बाद एजेंसी ने उनके पति और ससुर को नोटिस जारी किया है.

कोयला घोटाले के सरगना की तलाश

एजेंसी को इस कोयला घोटाले (Coal Smuggling Case) के सरगना अनूप मांझी उर्फ लाला की तलाश है. वह अभी तक फरार चल रहा है. उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है. सीबीआई ने आसनसोल और रानीगंज में मांझी के कई ठिकानों पर छापे मारे थे लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला.

हजारों करोड़ रुपये का है घोटाला

जांच एजेंसी का मानना है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से संबंधित अवैध कोयला खनन (Coal Smuggling Case) हजारों करोड़ रुपये का है. एजेंसी को शक है कि इस अपराध से कमाए गए धन का कुछ हिस्सा हवाला के माध्यम से दूसरे देशों में भी भेजा गया था, जिसके चलते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी इस जांच में शामिल किया गया है. सीबीआई ने इससे पहले पिछले साल 28 नवंबर देश में 45 अलग-अलग जगहों पर छापे मारे थे.

पश्चिम बंगाल में चल रही चुनावी प्रक्रिया

बताते चलें कि पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. वहां पर 27 मार्च को पहले चरण के वोट डाले जाने हैं. राज्य में मुख्य टक्कर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी में मानी जा रही है. वहीं कांग्रेस और वामपंथी दल इसे तिकोना बनाने की कोशिश कर रहे हैं. बंगाल में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस 2011 में सत्ता में आई थी. उसके बाद उसने 2016 में भी जीत का सिलसिला जारी रखा. अब वह अपनी हैट्रिक बनाने के लिए जोर लगा रही है.

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