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Maharashtra और Delhi में बेकाबू हो रही COVID-19 की रफ्तार, पिछले 24 घंटों में मिले रिकॉर्ड मरीज

नई दिल्ली: महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना (Coronavirus) की रफ्तार बेकाबू होती नजर आ रही है. वैक्सीनेशन (Vaccination) में तेजी के बावजूद यहां कोरोना मरीजों की संख्या में रिकॉर्ड इजाफा हो रहा है. पिछले 24 घंटों की बात करें तो यहां 15,817 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों मिले हैं, जबकि 56 लोगों की मौत हो गई है.

मुंबई में मिले रिकॉर्ड मामले

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सबसे ज्यादा 1647 कोरोना केस मुंबई में मिले हैं, जबकि 4 लोगों की मौत हुई है. इसी के साथ शहर में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 3,40,290 हो गई है. जबकि पूरे महाराष्ट्र में अबतक कुल 22,82,191 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जिसमें से 52,723 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई है. जबकि कुल 21,17,744  मरीज ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं.

इन जगहों पर लगा नाइट कर्फ्यू

कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए उद्धव ठाकरे सरकार ने मुंबई से सटे ठाणे इलाके में लॉकडाउन की घोषणा की है. वहीं, जलगांव जिले में 12 से 14 मार्च तक जनता कर्फ्यू लगाया है. इसके अलावा नागपुर में 15 से 21 मार्च तक लॉकडाउन और नासिक में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया गया है. अकोला (Akola) में भी शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन लगाने का फैसला किया गया है. इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़ सारी दुकानें बंद रहेंगी.

दिल्ली में कैसे हैं हालात?

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में कोरोना के मामले रफ्तार पकड़ रहे हैं. हालांकि राज्य स्वास्थ्य मंत्री अभी भी ज्यादा संक्रमित राज्यों से दिल्ली को कंपेयर कर सफाई देने में लगे हैं. अगर स्वास्थ्य मंत्रालय के आकंड़ों पर गौर करें तो पिछले 24 घंटों में दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 431 नए मामले सामने आए, जो करीब दो महीने में सर्वाधिक मामले हैं. वहीं संक्रमित होने की दर 0.60 प्रतिशत है.

दिल्ली सरकार ने दी सफाई

हालांकि दिल्ली सरकार ने सफाई देते हुए कहा, ‘पिछले साल नवंबर में दिल्ली में संक्रमण की दर 15 प्रतिशत थी. शुरू में यह 5 फीसदी से भी नीचे आई और उसके बाद 1 प्रतिशत से नीचे चली गई. पिछले दो महीने से संक्रमण की दर 1 फीसदी से नीचे बरकरार है जो महाराष्ट्र और केरल के शहरों में दर्ज किए जा रहे मामलों से काफी कम है. जैन ने कहा कि हम पूरी तरह सतर्क एवं तैयार हैं. प्रतिदिन 70,000 से 80,000 नमूनों की जांच की जा रही है

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