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एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पर डब्ल्यूएचओ की मुहर, कहा- इसके टीकाकरण से किसी के मौत की खबर नहीं

जेनेवा, रायटर। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड वैक्सीन एस्ट्राजेनेका पर मुहर लगा दी है। कहा है कि इस वैक्सीन से किसी भी व्यक्ति की मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। महामारी से बचाव के लिए इसे न लगवाने की कोई वजह नहीं है। एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का उत्पादन भारत की सीरम इंस्टीट्यूट कंपनी कर रही है, जो दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता है।

डब्ल्यूएचओ ने डेनमार्क, नॉर्वे, आइसलैंड समेत कुछ देशों में एस्ट्राजेनेका के इस्तेमाल को लेकर आई शिकायतों का अध्ययन किया था। इन देशों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आने के बाद एस्ट्राजेनेका का इस्तेमाल रोक दिया था। वैक्सीन के इस्तेमाल के बाद कुछ लोगों में रक्त का थक्का बनने की शिकायत सामने आई थी। डब्ल्यूएचओ की प्रवक्ता मार्गरेट हैरिस ने एस्ट्राजेनेका को शानदार वैक्सीन बताया। कहा, इसके इस्तेमाल के बाद स्वास्थ्य संबंधी जो समस्याएं पैदा हुईं, उनका वैक्सीन से कोई संबंध नहीं था। इसलिए हम एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल की सिफारिश कर रहे हैं। डब्ल्यूएचओ की ग्लोबल कमेटी ने एस्ट्राजेनेका की सुरक्षा की परख की है और उसे प्रमाणित किया है।

गरीब देशों को वैक्सीन की 200 करोड़ खुराक मुहैया कराए जाने का लक्ष्य

एस्ट्राजेनेका वैक्सीन डब्ल्यूएचओ के कोवैक्स प्रोग्राम से जुड़ी हुई है। इस प्रोग्राम के तहत दुनिया के गरीब देशों को कोविड से बचाव की वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। चालू वर्ष में गरीब देशों को वैक्सीन की 200 करोड़ खुराक मुहैया कराए जाने का लक्ष्य है। डब्ल्यूएचओ ने पाया है कि कोविड से बचाव के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा विकसित वैक्सीन की 26.8 करोड़ खुराकों का अभी तक इस्तेमाल हो चुका है। लेकिन उनसे किसी की मौत की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। चीन की वैक्सीन साइनोफार्म और साइनोवैक के आपात इस्तेमाल के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा, स्वीकृति के लिए प्रक्रिया जारी है। संभावना है कि इसी महीने दोनों वैक्सीन को इस्तेमाल की अनुमति मिल जाएगी।

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