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नासा का मंगल मिशन:पर्सीवरेंस रोवर ने पहली बार मार्स पर चहलकदमी की, नासा ने ग्रह पर पहियों के निशान की फोटो जारी की

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के पर्सीवरेंस रोवर ने शुक्रवार को पहली बार मार्स पर चहलकदमी की। रोवर ने करीब 21.3 फीट यानी 6.5 मीटर तक मार्टियन लैंडस्केप पर टेस्ट ड्राइव की। इस दौरान उसने मार्स पर पहियों के निशान भी बनाए। नासा ने इसकी फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की है।

नासा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह ड्राइव 4 मार्च को अंजाम दी गई। यह एक तरह का टेस्ट था। हमने सभी सिस्टम, सबसिस्टम और पर्सीवरेंस के सभी उपकरणों की जांच की। उन्होंने बताया कि पर्सीवरेंस जहां से अपना मिशन शुरू किया, अब उसे ‘ऑक्टिविया ई बटलर लैंडिंग’ नाम दिया गया है। यह नाम एक साइंस फिक्शन ऑथर के नाम पर रखा गया है।

आने वाले दिनों में रोज 200 मीटर का सफर तय करेगा
बयान में कहा गया कि रोवर जब अपने साइंस गोल के लिए मार्स पर काम करना शुरू करेगा, तो हमें उम्मीद है कि यह रेगुलर 656 फीट यानी 200 मीटर का सफर तय करेगा। पर्सीवरेंस रोबर मोबिलिटी टेस्टबेड इंजीनियर अनायस जारिफायन ने बताया कि जब यह अन्य ग्रहों पर पहिएदार वाहनों की बात आती है, तो कुछ पहली बार होने वाली घटनाएं होती हैं, जो पहली ड्राइव के महत्व को मापती हैं।

उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए पहला अनुभव था। रोवर के 6 पहिए बढ़िया काम कर रहे हैं। अब हमें पूरा भरोसा हो गया है कि सभी ड्राइव सिस्टम पूरी तरह ठीक हैं और बेहतर काम कर रहे हैं। यह हमें अगले 2 साल तक साइंस की दुनिया में ले जाने में कामयाब होगा।

33 मिनट तक चहलकदमी की
रोवर में मार्स पर करीब 33 मिनट तक चहलकदमी की। इस दौरान वह 13 फीट (4 मीटर) आगे गया। फिर 150 डिग्री लेफ्ट टर्न लेकर वह करीब 8 फीट (2.5 मीटर) पीछे आया। अब वह अपनी टेम्परेरी पार्किंग स्पेस में है।

18 फरवरी को मार्स पर लैंड हुआ था
पर्सीवरेंस मार्स रोवर 18-19 फरवरी की दरम्यानी रात मंगल पर जीवन की तलाश के लिए उतरा था। इसने भारतीय समय के अनुसार रात करीब दो बजे मार्स की सबसे खतरनाक सतह जजीरो क्रेटर पर लैंडिंग की थी। इस सतह पर कभी पानी हुआ करता था। नासा ने दावा किया है कि यह अब तक के इतिहास में रोवर की मार्स पर सबसे सटीक लैंडिंग है। पर्सीवरेंस रोवर लाल ग्रह से चट्‌टानों के नमूने भी लेकर आएगा।

पानी की खोज और जीवन की पड़ताल करेगा
पर्सीवरेंस मार्स रोवर और इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर मंगल ग्रह पर कार्बन डाई-ऑक्साइड से ऑक्सीजन बनाने का काम करेंगे। यह जमीन के नीचे जीवन संकेतों के अलावा पानी की खोज और उनसे संबंधित जांच भी करेगा। इसका मार्स एनवायर्नमेंटल डायनामिक्स ऐनालाइजर (MEDA) मंगल ग्रह के मौसम और जलवायु का अध्ययन करेगा।

पर्सीवरेंस रोवर में 23 कैमरे
मंगल ग्रह के लेटेस्ट वीडियो और आवाज रिकॉर्ड करने के लिए पर्सीवरेंस रोवर में 23 कैमरे और दो माइक्रोफोन लगाए गए हैं। रोवर के साथ दूसरे ग्रह पर पहुंचा पहला हेलिकॉप्टर Ingenuity भी है। इसके लिए पैराशूट और रेट्रोरॉकेट लगे हैं। इसके जरिए ही स्मूद लैंडिंग हो सकी। अब रोवर दो साल तक जजीरो क्रेटर को एक्सप्लोर करेगा।

रोवर का वजन 1000 किलोग्राम
नासा के मार्स मिशन का नाम पर्सीवरेंस मार्स रोवर और इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर है। पर्सीवरेंस रोवर 1000 किलोग्राम वजनी है। यह परमाणु ऊर्जा से चलेगा। पहली बार किसी रोवर में प्लूटोनियम को ईंधन के तौर पर उपयोग किया जा रहा है। यह रोवर मंगल ग्रह पर 10 साल तक काम करेगा। इसमें 7 फीट का रोबोटिक आर्म, 23 कैमरे और एक ड्रिल मशीन है। वहीं, हेलिकॉप्टर का वजन 2 किलोग्राम है।

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