Breaking News

बाइडेन को झटका:भारतीय मूल की नीरा टंडन के नाम पर सीनेट ने रोक लगाई, रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टी के कुछ सांसदों ने उनका विरोध किया था

20 जनवरी को राष्ट्रपति बनने वाले जो बाइडेन को सियासी तौर पर पहला झटका लगा। भारतीय मूल की नीरा टंडन को उन्होंने व्हाइट हाउस की बजट डायरेक्टर नॉमिनेट किया था। उनके नाम पर पहले ही दिन से विवाद हो रहा था। अब सीनेट ने नीरा की नियुक्ति को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद बाइडेन ने खुद ही नीरा का नाम वापस ले लिया। इस पद के लिए उन्हें अब कोई अन्य व्यक्ति तलाशना होगा।

दोनों पार्टियों में विरोध
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीनेट में कई सांसदों ने टंडन के नॉमिनेशन पर सवालिया निशान लगाए थे। यह सिलसिला कई दिन से चल रहा था। मंगलवार को आखिरकार साफ हो गया कि अगर वोटिंग हुई तो टंडन की नियुक्ति को मंजूरी नहीं मिलेगी। इसके बाद बाइडेन ने खुद ही नीरा का नामांकन वापस लेने का फैसला किया। सबसे खास बात यह है कि खुद बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद नीरा के नामांकन पर ऐतराज जता रहे थे।

बाइडेन ने एक बयान जारी कर कहा- नीरा खुद भी नामांकन वापस लेना चाहती हैं। मैं उनके फैसले का सम्मान करता हूं। अब वे व्हाइट हाउस के बजट एंड मैनेजमेंट डायरेक्टर पद की नॉमिनी नहीं हैं। मैं उनके अनुभव और काम करने के तरीके की इज्जत करता हूं। वे अब किसी दूसरे विभाग में अपनी सेवाएं दे सकती हैं। मैं उनका नॉमिनेशन वापस ले रहा हूं।

मुश्किल सिर्फ सियासी नहीं
बाइडेन ने सत्ता संभालने के बाद 1.9 ट्रिलियन डॉलर के कोविड रिलीफ फंड का ऐलान किया था। इसको अब तक सीनेट की मंजूरी नहीं मिली है। इस सदन में हालात ये हैं कि दोनों पार्टियों के पास करीब-करीब बराबर यानी 50-50 सीटें हैं। ऐसे में अगर रिपब्लिकन बाइडेन के इस पैकेज का समर्थन नहीं करते तो उन्हें दिक्कत हो जाएगी। रिपब्लिकन पार्टी की निकी हैले पहले ही साफ कर चुकी हैं कि वे इस पैकेज से संतुष्ट नहीं हैं।

टंडन के मामले में दिक्कत कहां
नीरा टंडन कई मामलों में पार्टी लाइन से अलग चलीं। सोशल मीडिया पर उनके पुराने पोस्ट्स को लेकर भी सवाल उठे। उन्होंने प्रोग्रेसिव बजट आईडियाज को लेकर भी सवालिया निशान लगाए थे। साउथ कैरोलिना की दो बार गवर्नर रहीं निकी हैले ने भी टंडन को गलत पसंद बताया था। निकी के मुताबिक- नीरा के पास अनुभव है। वे ओबामा और हिलेरी के साथ काम कर चुकी हैं, लेकिन उनकी नीतियां कई मामलों में देश के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *