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पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्द्ध का एकमात्र मंदिर:ऑस्ट्रेलिया में तंजावुर की तर्ज पर ग्रेनाइट का सबसे बड़ा मंदिर बना

 

मेलबर्न का श्रीवक्रतुंड विनयगर मंदिर भारत से बाहर पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्द्ध का एकमात्र मंदिर है, जिसे ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है। भगवान गणेश के इस मंदिर को हाल ही में नया रूप देकर खोला गया है। इस मंदिर का डिजाइन विश्व धरोहर तंजावुर के बृहदीश्वर मंदिर से लिया गया है।

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष बाला कांदिआ के मुताबिक, मंदिर का निर्माण पिछले साल जून में खत्म होना था, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से यह टलता रहा। इसमें 20 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। गणेश मंदिर के अलावा यहां अन्य देवी-देवताओं के 11 मंदिर भी बनाए गए है।

 

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श्री वक्रतुंड विनयगर मंदिर के प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष बाला कांदीआ बताते हैं कि 1988 में श्रीलंका में ग्रह युद्ध शुरू होते ही तमिल हिंदुओं को देश छोड़ना पड़ा था। इन्होंने ऑस्ट्रेलिया में शरण ली। मेलबर्न में कोई दक्षिण भारतीय मंदिर नहीं था, इसलिए लोगों ने मंदिर बनाने का संकल्प लिया। लेकिन इसके लिए पैसा किसी के पास नहीं था। मंदिर के मौजूदा सचिव शान पिल्लै तमिलनाडु से मूर्ति लाए। इसके बाद चंदा जुटाना शुरू हुआ। 1990 में मेलबर्न के पूर्वी इलाके में जमीन खरीदी गई।

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