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ब्रिटेन से लौटे तीन संक्रमित: नये प्रकार के नमूने जांच के लिए दिल्ली भेजे गए

इंदौर: मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने यह पता लगाने के लिए तीन संक्रमितों के नमूने सोमवार को दिल्ली के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) को भेजे हैं कि कहीं वे कोरोना वायरस के ब्रिटेन में सामने आए नये प्रकार की जद में तो नहीं हैं. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी .इनमें से दो मरीज पिछले 22 दिन के अंतराल में ब्रिटेन से इंदौर लौटने के बाद संक्रमित पाए गए हैं, जबकि एक महिला मरीज ब्रिटेन से वापस 12 दिसंबर को जबलपुर लौटी है और रविवार को कोरोना वायरस संक्रमित पाई गयी है.

महामारी की रोकथाम के लिए इंदौर जिले के नोडल अधिकारी अमित मालाकार ने बताया कि दो पुरुषों (39 और 29 साल) के नमूने एक नियमित उड़ान से दिल्ली भेजे गए.उन्होंने बताया, “ब्रिटेन से लौटे दोनों मरीज इंदौर में आरटी-पीसीआर पद्धति से की गई जांच में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. एनसीडीसी की जांच से स्पष्ट हो सकेगा कि वे कोरोना वायरस के ब्रिटेन में सामने आए नये प्रकार की जद में हैं या नहीं .”अधिकारियों ने बताया कि 39 वर्षीय शख्स छह दिसंबर को ब्रिटेन से इंदौर लौटा था, जबकि 29 वर्षीय व्यक्ति स्कॉटलैंड से 18 दिसंबर को इंदौर आया था.

उन्होंने बताया कि इनमें से एक संक्रमित को शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि दूसरे मरीज को उसके घर में पृथक-वास में रखकर उसका इलाज किया जा रहा है.इसी बीच, जबलपुर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया, ‘‘ब्रिटेन से जबलपुर लौटी महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इस महिला को उपचार के लिए यहां मेडिकल कॉलेज के अलग वार्ड में रखा गया है. ‘उन्होंने कहा कि महिला का स्वास्थ्य ठीक है और प्रोटोकॉल के तहत कार्यवाही जारी है.
वहीं, जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेष कुररिया ने बताया, ‘‘52 साल की यह महिला 12 दिसम्बर को ब्रिटेन से लौटी थी. उसकी कोरोना रिपोर्ट रविवार को पॉजिटिव आई है.”

उन्होंने कहा कि इस महिला में कोरोना वायरस के कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं.कुररिया ने बताया कि स्टेन-2 की जांच के लिए उसके नमूने को दिल्ली भेजा गया है.उन्होंने कहा कि हालांकि, इस महिला ने परिजनों की कोरोना वायरस रिपोर्ट निगेटिव आई है और उन्हें घर में ही पृथक वास में रखा गया है.गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में अब तक कोविड-19 महामारी के कुल 2,39,228 मरीज मिले हैं. इनमें से 3572 मरीजों की मौत हो चुकी है.

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