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कोरोना दुनिया में:यूरोपीय यूनियन के 6 देश बॉर्डर बैन खत्म करने पर राजी, ब्रिटिश PM बोले- जून तक हालात सामान्य हो जाएंगे

दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 11.26 करोड़ से ज्यादा हो गया। 8 करोड़ 82 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 24 लाख 95 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं।

EU का फैसला
EU यानी यूरोपीय यूनियन के 6 देश बॉर्डर पर आवाजाही सामान्य करने पर राजी हो गए हैं। यह प्रतिबंध अब तक दो बार लगाए और फिर हटाए जा चुके हैं। बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, हंगरी और स्वीडन ने यह फैसला किया है। इस बारे में यूरोपीयन कमीशन को एक रिपोर्ट भेजी गई है। इस पर आज फैसला हो सकता है। हालांकि, इसके लिए कुछ नियम जारी रहेंगे। हाल के दिनों में ऑस्ट्रिया और जर्मनी के बीच इस मुद्दे पर तनाव हो गया था। इसके बाद हालात सामान्य करने पर सहमति बनी।

जून तक हालात सामान्य होने की उम्मीद
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि देश में लगे तमाम तरह के प्रतिबंधन जून तक हटा लिए जाएंगे और हालात पहले की तरह सामान्य हो जाएंगे। एक प्रोग्राम के दौरान जॉनसन ने कहा- सरकार अपनी तरफ से हर वो कदम उठा रही है जो हालात सामान्य कर सकते हैं। हम पहले ही आर्थिक स्थिती सामान्य करने के लिए पैकेज का ऐलान कर चुके हैं। जॉनसन ने फिर कहा है कि बेरोजगारी को खत्म करने के लिए प्लान बनाया जा चुका है और इस पर अमल किया जा रहा है। इसमें एक्सपर्ट्स की राय को भी तवज्जो दी गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल भी बहुत जल्द खोल दिए जाएंगे। इसके लिए तैयारियां अंतिम दौर में हैं।

फ्रांस में दिक्कत बढ़ी
फ्रांस के अस्पतालों में मरीजों की संख्या फिर बढ़ने लगी है। आईसीयू में भर्ती मरीज काफी तेजी से बढ़े हैं। 12 हफ्ते में पहली बार आंकड़ा 3 हजार से ज्यादा हुआ। मंगलवार को कुल 3 हजार 435 मरीज आईसीयू में एडमिट किए गए। इनमें से कुछ की हालत तो काफी गंभीर बताई गई है। फ्रांस के हालात इसलिए भी चिंताजनक माने जा सकते हैं क्योंकि यूरोप के बाकी देश बॉर्डर प्रतिबंध खत्म करने पर विचार कर रहे हैं और आज इस पर फैसला भी हो सकता है, लेकिन फ्रांस सरकार किसी मामले में रिस्क नहीं लेना चाहती। उसने लॉकडाउन से तो इनकार किया है, लेकिन बाकी प्रतिबंधों को जारी रखने का फैसला किया है।

इटली पर गंभीर आरोप
‘द गार्डियन’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इटली ने पिछले साल फरवरी में WHO को महामारी के बारे में सही जानकारी नहीं दी, जबकि देश में केस मिलने शुरू हो गए थे। दरअसल, दुनिया के तमाम देशों को इंटरनेशनल हेल्थ रेग्युलेशन्स (IHR) का पालन करना होता है।

साल की शुरुआत में बीमारियों से जुड़ी सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट देनी होती है। इटली ने 4 फरवरी 2020 को यह रिपोर्ट तो दी, लेकिन इसमें खुद को लेवल 5 पर बताया। इसके मायने ये हैं कि किसी बीमारी से लड़ने की उसकी तैयारी सही स्तर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक इटली ने 2006 के बाद राष्ट्रीय महामारी उन्मूलन यानी महामारी से निपटने का प्लान ही अपडेट नहीं किया। दावा किया जाता है कि अमेरिका से पहले इटली में महामारी ने दस्तक दी। चीन के बाद इटली पहला देश था, जहां महामारी पैर पसार चुकी थी।

टॉप-10 देश, जहां अब तक सबसे ज्यादा लोग संक्रमित हुए

(ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus/ के मुताबिक हैं)

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