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सपा नेता रामगोविंद को जनसंख्या नियंत्रण कानून से दिक्कत, PM और CM पर कसा निर्वंशी होने का तंज

सपा नेता रामगोविंद को जनसंख्या नियंत्रण कानून से दिक्कत, PM और CM पर कसा निर्वंशी होने का तंज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू होने की चर्चाएं तेज हैं. राज्य विधि आयोग कानून का मसौदा तैयार करने में जुटा है. इसे लेकर सियासी बयानबाजी भी होने लगी है. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि यह योगी सरकार का अंत है. ऐसा ही 20 सूत्रीय कार्यक्रम इंदिरा गांधी लेकर आई थीं और 1977 में जनता ने उनका सफाया कर दिया था.

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रामगोविंद चौधरी ने कहा कि उस दौरान जबरन नसबंदी के नाम पर कागजों में पेड़-पौधों, पशु-पक्षी सबकी फर्जी नसबंदी की गई थी. सपा नेता ने कहा कि यह काम मोबलाइजेशन से किया जा सकता है. कानून से दंडात्मक कार्रवाई होती है. जनसंख्या न बढ़े यह सच है. जनसंख्या प्राकृति की देन है.

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इस बीच वह एक विवादित और कड़वी बयानबाजी भी कर बैठे. रामगोविंद चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री निरवंश हैं, इसलिए जनसंख्या नियंत्रण कानून ला रहे हैं. जनता से उन्हें प्रेम नहीं है, अपना परिवार नहीं है. लिहाजा उन्हें परिवार का दर्द नहीं पता.

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उत्तर प्रदेश विधि आयोग के अध्यक्ष आदित्य नाथ मित्तल ने 20 जून को देश में बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की और इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने की बात कही. मित्तल ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि विस्फोटक होती जनसंख्या के कारण अन्य समस्याएं भी पैदा हो रही हैं. अस्पताल, खाद्यान्न, घर और रोजगार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं. हमारा मानना ​​है कि जनसंख्या पर नियंत्रण होना चाहिए. जनसंख्या नियंत्रण परिवार नियोजन से अलग है.

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इस संबंध में उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश विधि आयोग जनसंख्या नियंत्रण कानून का मसौदा तैयार करने में जुटा है. जल्द ही इस काम को पूरा कर फाइनल ड्राफ्ट योगी सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. कानून के ड्राफ्ट में दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों को सरकारी सुविधाओं के लाभ से वंचित करने, खासतौर पर सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं में कटौती करने, राशन व अन्य सब्सिडी में कटौती के विभिन्न पहलुओं को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है.

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