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यूपी धर्मांतरण रैकेट पर 10 बड़े खुलासे, जानिए मौलाना उमर और जहांगीर तक कैसी पहुंची यूपी एटीएस

यूपी धर्मांतरण रैकेट पर 10 बड़े खुलासे, जानिए मौलाना उमर और जहांगीर तक कैसी पहुंची यूपी एटीएस

नई दिल्ली: जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में यूपी एटीएस  (Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. यूपी एटीएस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो जबरन गलत तरीकों से धर्म परिवर्तन कराकर लोगों को मुस्लिम बनने पर मजबूर करते थे. यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. बता दें कि इस मामले में विदेशी फंडिंग, लोगों को प्रलोभन देने जैसे अन्य 10 बड़े खुलासे हुए हैं. 

आरोपियों तक कैसी पहुंची यूपी एटीएस? 
दरअसल, 2 जून को डासना के एक मंदिर में दो लोग जबरन दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे. इन दोनों ने पुजारी पर हमले का प्रयास भी किया था. इसमें दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच के दौरान इनके पास से ब्लेड और कुछ संदिग्ध चीजें मिली. वहीं, मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी तो उसमें मोहम्मद उमर और मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी का नाम सामने आया. जांच में पता चला कि मौलाना उमर और जहांगीर मोटिवेशनल थॉट के जरिए गैर मुस्लिम का धर्म परिवर्तन करवा कर उन्हें मुस्लिम बना रहे थे.  

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1. दिल्ली के रहने वाले हैं दोनों आरोपी 
इस रैकेट को चलाने के आरोप में यूपी एटीएस ने मोहम्मद उमर और मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी को गिरफ्तार किया है. दोनों दिल्ली के जामिया नगर इलाके के रहने वाले हैं.

2. 1 आरोपी हिंदू से मुसलमान बना है
जांच में पता चला है कि आरोपी मोहम्मद उमर खुद धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बना है. उसके पिता का नाम धनराज सिंह गौतम है. 

3. 2 साल से चल रहा था रैकेट
धर्मांतरण कराने वाला ये रैकेट पिछले दो साल से चल रहा था. जानकारी के मुताबिक ये लोग मोटिवेशनल थॉट के जरिए धर्म परिवर्तन करते थे. एडीजी प्रशांत कुमार के मुताबिक पिछले एक साल में ही 350 लोगों का धर्मांतरण किया गया है. वहीं, अब तक 1000 से ज्यादा लोगों को धर्मांतरण किया जा चुका है. बता दें कि गाजियाबाद में दर्ज एक मुकदमे की जांच में ये खुलासा हुआ है.

4. महिलाओं, विकलांग और मूक बधिर लोगों को बनाते थे निशाना
ये लोग महिलाओं, विकलांग और मूक बधिर लोगों का धर्म परिवर्तन करवाने पर खास जोर देते थे. जांच में ये बात भी सामने आई है कि नोएडा सेक्टर 117 स्थित नोएडा डीफ सोसाइटी के 18 बच्चों समेत अन्य मूक बधिर स्कूल के छात्रों का धर्मांतरण कराया जाता था. 

5. प्रलोभन देकर कराते थे धर्मांतरण 
इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, ये लोग न सिर्फ डरा-धमकाकर बल्कि अवैध रूप से विभिन्न प्रकार का प्रलोभन जैसे नौकरी, शादी आदि देकर इस्लाम धर्म में परवर्तित कराते थे. इसके अलावा आरोपी सम्मेलन आयोजित कर लोगों का सामूहिक धर्म परिवर्तन भी कराते थे.

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6. मुस्लिमों से कराते थे शादी 
पूछताछ में उमर गौतम ने बताया कि उसने अभी तक लगभग एक हजार गैर मुस्लिमों को धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनाया है और उनकी शादी मुस्लिमों से करवाई है. 

7. लोगों को उनके धर्म के खिलाफ भड़काते थे
ये लोग कमजोर वर्ग और गरीब लोगों की पहचान करते थे. फिर सुनियोजित तरीके से गैर-मुस्लिमों में उनके धर्म के प्रति दुर्भावना और घृणा पैदा करते थे. इसके बाद इस्लाम की तारीफें करते थे और फायदा बताकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करते थे. 

8. धर्म परिवर्तन के लिए चलाता था संस्था
एटीएस के मुताबिक, उमर और उसके साथियों द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए IDC (Islamic Dawah Centre) नाम की संस्था भी बनाई है, जो दिल्ली के जामिया नगर से चलाया जाता है. 

9. विदेशी फंडिंग के मिले सबूत 
एटीएस को इस मामले में विदेशी फंडिंग के भी सबूत मिले हैं. धर्म परिवर्तन के इस गैंग को पैसे की फंडिग सीमा पार से की जा रही थी. जानकारी के मुताबिक इस कार्य के लिए IDC के बैंक खातों में व अन्य माध्यमों से भारी मात्रा में पैसे उपलब्ध करवाए जाते हैं. फिलहाल दोनों आरोपियों से जानकारी जुटाई जा रही है कि इनकी फंडिंग कहां से होती थी और इनका मकसद क्या है. 

10. अवैध रूप से दिलाते थे कानूनी मान्यता
आरोपी पहले लोगों का धर्मांतरण कराते थे. इसके बाद उनकी शादी कराते थे. उसके बाद लोगों को धर्मांतरण और शादी के दस्तावेज तैयार कर धर्म परिवर्तन को अवैध रूप से कानूनी मान्यता भी दिलाते थे. इस काम में उमर का साथ मुफ्ती काजी देता था.

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