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मोदीनगर की शिकंजीः मैजिक मसालों से आप स्वाद के शिकंजे में फंस जाएंगे

 

Taste Of Modinagar: आज पूरे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में जैन शिकंजी किसी परिचय की मोहताज नहीं है. आप दिल्ली से हरिद्वार या सहारनपुर की तरफ जा रहे हैं या वहां से वापस यहां आ रहे हैं तो मोदीनगर एरिया में घुसते ही आपको कई लोग शिकंजी का आनंद लेते हुए मिल जाएंगे.  यहां की शिकंजी जैसा टेस्ट कहीं और नहीं मिल सकता. यहां की जैन शिकंजी और इसका टेस्ट भुलाए नहीं भूला जा सकता है. इसके साथ में मिल जाएं गर्मा-गर्म पकौड़े. जी हां कुछ ऐसा हो जाएगा जैसे पिज्जा के साथ कोल्ड ड्रिंक का स्वाद.

शिकंजी की जान है यहां का ‘खास मसाला’
शिकंजी तो आपको बहुत सी जगहों पर मिल जाएगी पर मोदीनगर की शिकंजी की जान इसके मसाले में है. जैन शिकंजी के मसाले भी काफी प्रसिद्ध है. पहले यहां पर मसाले सिर्फ शिकंजी में ही डाले जाते थे, पर अब इनको यहां पर बेचा भी जाता है. शिकंजी की ऑरिजनल शॉप करीब साठ साल पुरानी है. जैन परिवार की शिकंजी मोदी नगर हाईवे के पास है. पहले इसकी एक दुकान थी, लेकिन बाद में जैसे-जैसे इसकी ख्याति बढ़ती गई वैसे-वैसे इसके आउटलेट खुलते चले गए.

मोदीनगर और मेरठ के आसपास आपको तमाम शिकंजी के ठेल खड़े हुए मिल जाएंगे. आसपास के कई शहरों में इस शिकंजी के नाम पर आउटलेट हैं. अब इस बात से अंदाज लगा लीजिए कि इसका नाम ही इतना है कि इसका नाम भी लोग इस्तेमाल करने लगे हैं.

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पूरे साल मिलती है शिकंजी
खास बात है कि गर्मी हो या सर्दी यहां पर हम मौसम में यहां पर शिकंजी मिलती है. यहां पर अक्सर लोगों की भीड़ लगी रहती है. इधर से गुजरने वाले यात्री यहां पर रुककर मजा ने लें, ऐसा कम ही होता है. दिल्ली-एनसीआर के लोग शिकंजी पीने के लिए खासतौर पर आते हैं. यहां पर तरह-तरह के पकौड़े भी मिलते हैं. इन पकौड़ों में स्पेशल मसाला डाला जाता है जिसकी वजह से इनका स्वाद बाकी जगहों की तुलना में अलग होता है.

1958 में जैन शिकंजी शुरुआत 
जैन शिकंजी मोदीनगर की शुरुआत 1958 में स्वर्गीय श्री परमात्मा शरण जैन जी ने मोदी नगर थाने के बराबर में एक छोटी सी दुकान मे की थी. उन्होंने ही इसके मसाले की भी शुरुआत की थी. उनके बेटों ने उनके नक्शे कदम पर चलते हुए, जैन शिकंजी को एक नई पहचान दिलाई. इसकी दूसरी शाखा 1997-98 में मोदीनगर के कादराबाद मे खोली गई. तीसरी शाखा एसआरएम यूनिवर्सिटी पर खोली गई. चौथी शाखा देश की राजधानी दिल्ली के लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के पास खोली गई. पांचवी शाखा मेरठ जनपद के भोले की झाल जो कि नहर पटरी पर खोली गई

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रायबहादुर गूजर मल मोदी के नाम पर हुई मोदीनगर की स्थापना
गाजियाबाद के उत्तर-पश्चिम में राष्ट्रीय राजमार्ग- ५८ (गाजियाबाद-देहरादून) पर मेरठ और गाजियाबाद के ठीक बीच में स्थित है. इससे लगा तीसरा शहर है हापुड़. राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा होने के कारण यह दिल्ली से सहारनपुर तक सीधा जुड़ा हुआ है. इसके अलावा यहां के बस स्टेशन से किसी भी बड़े शहर तक के लिए बसें मिल जाती है. राजमार्ग के समानांतर ही उत्तर रेलवे का दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग भी जाता है. इस शहर की स्थापना 1933 में रायबहादुर गूजर मल मोदी ने यहां मोदी चीनी मिल के आरंभ से की थी. इसका नाम अपने वंशनाम मोदी पर मोदीनगर बना कर रखा था.

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