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29 साल पहले दी जमीन अब JDA ने वापस लिया कब्जा, जयपुर स्टॉक एक्सचेंज लि. को किया सीज

Jaipur : राजधानी में जयपुर स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड को 29 साल पहले जयपुर जेडीए ने जो जमीन ऑफिस बनाने के लिए दी थी, उसे आज जेडीए ने वापस ले ली. आवंटन शर्तो का उल्लंघन कर यहां बने ऑफिस को गैरकानूनी तरीके से बेचने और जिस ऑफिस के लिए ये जमीन दी गई थी वह पांच साल पहले बंद हो जाने के कारण जेडीए ने यह कदम उठाया. जेडीए (JDA Action) की इस कार्रवाई से वहां संचालित 100 से ज्यादा ऑफिस संचालकों में हड़कम्प मच गया.

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जेडीए ने जयपुर स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (Jaipur Stock Exchange Ltd) जयपुर को मालवीय नगर स्थित इंदिरा पैलेस योजना में 6 मई 1992 को 12460 वर्ग मीटर आवंटित भूखंड से कब्जा ले लिया है. भूखंड केवल स्टॉक एक्सचेंज भवन बनाने के लिए ही दिया गया था, लेकिन आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करने और जिस उद्देश्य के लिए भूमि आवंटित की गई थी वह उद्देश्य पूरा नहीं होने के चलते जेडीए ने पहले इस भूमि का आवंटन निरस्त किया. इसके बाद आज भूमि और इस पर बने भवन के एक हिस्से को छोड़ते हुए शेष पूरे भवन का कब्जा ले लिया. जेडीए की टीम आज जैसे ही मौके पर कब्जा लेने पहुंची तो सूचना मिलने पर यहां चल रहे विभिन्न कार्यालयों से सामान निकाला गया. यहां स्टॉक एक्सचेंज के कार्यालयों पर जेडीए की ओर से ताले लगा दिए गए और विभिन्न स्थानों पर जेडीए संपत्ति के नोटिस चस्पा कर दिए गए परिसर में भी जेडीए संपत्ति का बोर्ड लगा दिया गया. जयपुर के मालवीय नगर जेएलएन मार्ग पर बनी इस पांच मंजिला बिल्डिंग में ज्यादातर ऑफिस शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले ब्रॉकर्स, फाइनेंस सेक्टर और कुछ सीए के ऑफिस चलते थे. जिन्हें आज बंद कर दिया.

जेडीए की ओर से आवंटन शर्तों के उल्लंघन पर संस्थाओं का आवंटन निरस्त करने को लेकर समय-समय पर सरकार की ओर से आदेश दिए जाते रहे हैं, लेकिन पिछले वर्ष यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने सभी निकायों को सख्त निर्देश जारी किए गए थे. इन निर्देशों के तहत निकायों को रियायती दर पर संस्थाओं के आवंटन के मामलों की जांच करनी थी अगर किसी मामले में आवंटन की शर्तों का होता है. उल्लंघन तो उनमे आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए गए थे. इसी के तहत जेडीए ने 446 से अधिक मामलों की जांच की. इनमें जयपुर स्टॉक एक्सचेंज का यह मामला भी शामिल है. 

जेडीए जोन एक के तहसीलदार पवन कुमार ने बताया कि जिस उदेश्य के लिए इस जमीन का आवंटन किया था वह काम अब यहां नहीं हो रहा. सेबी ने रीजनल स्टॉक एक्सचेंज को बंद कर दिया. इसके अलावा मैनेजमेंट ने जेडीए और सरकार की बिना अनुमति के यहां बने ऑफिसों को बेच दिया, जो आवंटन की शर्तो के खिलाफ था. इसी आधार पर आज ये ऑफिस सील करते हुए इसका कब्जा लिया गया.

आपको बता दें कि जेडीए ने ये जमीन साल 1992 में रियायती दर (2400 रुपए प्रतिवर्ग मीटर) की दर से दी थी. 12,460 वर्गमीटर इस जमीन पर पांच मंजिला स्टॉक एक्सचेंज के संचालन के लिए बिल्डिंग बनाई थी. इसमें करीब 300 से ज्यादा ऑफिस बनाए गए, जिसमें 50 फीसदी से ज्यादा खाली पड़े हैं. कंपनी के मैनेजमेंट ने इनमें से कुछ ऑफिस को रजिस्ट्री के जरिए बेच भी दिया था. जो जेडीए की आवंटन शर्तो के खिलाफ था.

इस मामले में यहां काम करने वाले एक शेयर ब्रोकर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उनके पिता ने यहां ऑफिस खरीदा है. जयपुर स्टॉक एक्सचेंज लि. के मैनेजमेंट को पूरा पैसा देकर इसकी रजिस्ट्री करवाई है. अब जेडीए के अधिकारी अचानक आते है और हमे ऑफिस खाली करने के लिए बोल देते हैं. उन्होंने बताया कि यहां 100 से ज्यादा ऑफिस चल रहे हैं. जयपुर स्टॉक एक्सचेंज लि. का मैनेजमेंट इस मामले में अब कोई बात नहीं कर रहा. ऐसे में हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या ये आ गई कि हम अपना ऑफिस कहां शिफ्ट करें. हमारे जैसे कई और ब्रोकर है, जो यहां हर रोज लाखों रुपए की ट्रेडिंग करते है और हमारे कस्टमर हमसे जुड़े हुए हैं.

जयपुर स्टॉक एक्सचेंज ने जेडीए की स्वीकृति से भवन का 1,19,821 वर्ग फुट क्षेत्रफल तत्कालीन बैंक ऑफ राजस्थान जो कि वर्तमान में आईसीआईसीआई बैंक है, उसे बेच दिया गया .

-आवंटन पत्र की शर्त संख्या 8 के अनुसार भूखंड का उपयोग स्टॉक एक्सचेंज भवन के लिए ही किया जाना था.

-किसी भी प्रकार के व्यवसायिक निर्माण इजाजत नहीं दी गई थी.

-साथ ही किसी भी प्रकार के वाणिज्यिक और लाभ कमाने की दृष्टि से भवन का उपयोग नहीं किया जाना था. 

-इसके बावजूद जेडीए की बिना स्वीकृति जयपुर स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड ने भवन के विभिन्न हिस्से अन्य कंपनियों को बेच दिए हैं. 

-सेबी की ओर से रीजनल स्टॉक एक्सचेंज बंद किए जा चुके हैं. इस कारण से आवंटन का उद्देश्य भी समाप्त हो चुका है. 

-जेडीए की ओर से 4 जून 2000, 13 जुलाई 2020 और 10 अगस्त 2020 को जयपुर स्टॉक एक्सचेंज जो कि जयपुर स्टॉक सिक्योरिटीज लिमिटेड में तब्दील हो चुका है, उसे नोटिस जारी किए.

-नोटिस का जवाब जेडीए ने संतोषजनक नहीं माना. 

-जेडीए ने भूमि के पेटे जमा कराई समस्त राशि को जब्त करते हुए भूमि का आवंटन निरस्त कर दिया. 

-इस निरस्तीकरण की कार्रवाई में आईसीआईसीआई बैंक को बेचे गए 1,19,821 वर्ग फुट क्षेत्रफल शामिल नहीं है. 

-आवंटन निरस्त के बाद जेडीए ने आज आईसीआईसीआई बैंक के हिस्से को छोड़कर शेष भूमि एवं भवन का विधिवत कब्जा ले लिया.

जेडीए की ओर से यहां 1 लाख 19 हजार वर्गफीट एरिया में संचालित एक निजी बैंक के ऑफिस एरिया को छोड़ते हुए शेष पूरी बिल्डिंग को कब्जे में लिया है. आवंटन शर्तो में बैंकिंग गतिविधियों के लिए यहां एक बैंक संचालित करने और उसके लिए स्पेस उपलब्ध करवाने की शर्त थी. इसी शर्त के तहत निजी बैंक को यह जगह उपलब्ध करवाई गई है, जिसे कब्जे में नहीं लिया है.

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