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Assam Election 2021: चुनाव प्रचार में गृह मंत्री Amit Shah का विरोधियों पर हमला, कहा- फिर बनेगी डबल इंजन वाली सरकार

नई दिल्ली: असम (Assam) में चुनाव प्रचार आखिरी दौर में है. विधान सभा चुनाव को लेकर प्रचार जोरों पर हैं. असम की 126 सीटों पर 3 चरणों में चुनाव होना है. कांग्रेस (Congress) जहां अपने गठबंधन को गेमचेंजर मान रही है वहीं बीजेपी (BJP) भी डबल इंजन वाली सरकार को दोहराने की तैयारी में है. बीजेपी अपने 5 साल के विकास का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रख रही है. इस कड़ी में बीजेपी नेता कांग्रेस अलायंस पर ताबड़तोड़ हमले बोल रहे हैं. इसी बीच प्रचार के लिए असम में पहुंचे देश के गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह (Amit Shah) ने विरोधियों से कई जवाब पूछते हुए विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. चुनाव प्रचार की गहमागहमी के बीच अमित शाह से बात की हमारे संवाददाता रविंद्र त्रिपाठी ने.

अमित शाह का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

जवाब: असम का आप लगातार दौरा कर रहे हैं. चुनाव आखिरी दौर में है. इस बार भी क्या आपको लगता है कि डबल इंजन सरकार की फिर से वापसी होगी? क्योकि आप का नारा है एक बार फिर मोदी सरकार.

जवाब: बात सही है. असम में एक बार फिर हम प्रचंड बहुमत से जीतकर आ रहे हैं.

सवाल: कांग्रेस कह रही है कि एक एक बार फिर मोदी सरकार का क्या मतलब ?

जवाब: एक बार मोदी सरकार मतलब,  फिर से एक बार बीजेपी सरकार. इतनी सी बात अगर कांग्रेस (Congress) को समझ में नहीं आ रही है तो हम क्या करें.

सवाल: 2016 में कांग्रेस का बदरुद्दीन अजमल (Badruddin Ajmal) के साथ गठबंधन नहीं हुआ था लेकिन इस बार अजमल के साथ कांग्रेस का गठबंधन हुआ है? क्या इससे आपको बराक घाटी (Barak Valley) और अपर आसाम में नुकसान नही होगा?

जवाब: निश्चित तौर पर इससे कांग्रेस का नुकसान होगा. पूरा असम इस गठबंधन को ध्यान से देख रहा है कि बदरुद्दीन को साथ रखकर कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है? कि फिर से घुसपैठ बढ़ाएंगे? फिर से आतंकवाद बढ़ाएंगे? एक जमाने में कांग्रेस के सीएम कहते थे कि हू इज बदरुद्दीन, और आज कांग्रेस वो बातें भूल गई. हमने 5 साल के भीतर असम को आतंकवाद मुक्त किया. कर्फ्यू मुक्त बनाया. आंदोलन मुक्त बनाया. भ्रष्टाचार मुक्त बनाया. घुसपैठ रोक दी गई. क्या कहें कांग्रेस एक बार फिर से बदरुद्दीन को साथ में रखकर घुसपैठ बढ़ाना चाहती है?

इसी कड़ी में गृह मंत्री शाह ने ये भी कहा, ‘एक अजीब तरह की सेकुलर पार्टी है कांग्रेस. यहां पर असम में अजमल के साथ. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में फुरफुरा शरीफ (Furfura Sharif) के पीरजादा के साथ आना चाहती है. केरल (Kerala) में मुस्लिम लीग (Muslim League) के साथ जाती है. मुझे तो इनका सेकुलरिज्म ही समझ में नहीं आता. कांग्रेस पार्टी वोट पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. लेकिन मैं आपको बताता हूं कि हम विकास के रास्ते पर चलते हैं.’ ‘

हमने 5 साल में ब्रह्मपुत्र पर 6 पुल बनाए. करीब 20 हजार किलोमीटर रोड का जाल बिछाया. काजीरंगा के अंदर से घुसपैठियों को भगाया. शंकर देव की पूरी पवित्र धरती को घुसपैठियों से आजाद कराया. घुसपैठ को रोकने का काम किया है और विकास के रास्ते पर ले गये है. अब हर गरीब के घर शुद्ध पानी पहुंचने की शुरुआत हुई. हर गरीब को गैस दी गई है. हर गरीब के स्वास्थ्य का खर्चा नरेंद्र मोदी सरकार उठा रही है. मैं समझता हूं कि असम की जनता को विकास चाहिए, शांति चाहिए. फिर से घुसपैठ नहीं चाहिए. इसलिए फिर से एक बार डबल इंजन के लिए बीजेपी सरकार बनने जा रही है.

सवाल: राहुल और प्रियंका चाय बागान का मुद्दा उठा रहे हैं? मजदूरों की मजदूरी का मामला उठा रहे हैं?

जवाब: देखिए वादा करना बहुत आसान होता है. हमने चाय बागान के श्रमिकों के लिए ढ़ेर सारा काम किया. कांग्रेस ने 15 सालों से जो वेतन तय किया था, उसे ढाई गुना बढ़ाया है. बागानों में काम कर रहीं गर्भवती महिलाओं को हजारों रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है. ताकि वे अपने शरीर का ध्यान रख सकें. इस तरह उन्हें 12 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई. हमने असम में बिजली दी. लाखों बैंक खाते खुलवाए गए जिसके जरिये चाय बागान श्रमिकों के खाते में डीवीडी के जरिए सीधे पैसे जाते है.

मोदी जी ने बजट में 1000 करोड़ रुपये की स्कीम लाकर वहां पर रहने वालो को मकान की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई है. वहां स्वास्थ्य सुविधा और स्कूल की व्यवस्था की जाएगी. हमारे घोषणा पत्र की राह  देखिये. मंगलवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषणा पत्र जारी करेंगे. चाय बागान के एक भी श्रमिक को इस बात में कोई भी शंका नहीं रह जाएगी कि भारतीय जनता पार्टी  ही उनका विकास कर रही है.

सवाल: देश की आकांक्षा के अनुसार आप लोगो ने 375 को खत्म किया. CAA लागू किया. लेकिन राहुल  कह रहे हैं कि सत्ता में आने पर CAA  लागू नहीं होने देंगे.

जवाब: वह तो कहते हैं कि एनआरसी नहीं आनी चाहिए. क्यों नहीं बोलते आसाम में? राहुल गांधी को जोर से बोलना चाहिए की असम में एनआरसी नहीं आना चाहिए? दिल्ली में एनआरसी नहीं चाहिए. और यहां आकर वो क्यों चुप हो जाते हैं?

आखिरी सवाल: आप विकास की बात करते हैं. राहुल गांधी कहते है कि आप लोग नफरत फैला रहे है?

जवाब: देश की जनता ने तय कर दिया है. तीस साल तक इस देश में मिली जुली सरकार रही या उससे भी बड़ा दौर रहा हो. फिर भी नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में दो बार, दो तिहाई बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी. देश तय करता है कि कौन नफरत फैलाता है और कौन विकास करता है.

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