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बिहार पंचायत चुनाव से पहले बढ़ सकती है मुखियों की टेंशन, ऐसा नहीं करने पर Election लड़ने से हो सकते हैं वंचित

Patna: बिहार सरकार ने पंचायतों के मुखिया को लेकर सख्त फैसला लिया है. इस फैसले में कहा गया है कि पंचायतों की ऑडिट नहीं कराने वाले मुखिया चुनाव लड़ने से वंचित रहेंगे. पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे सभी मुखिया चुनाव के लिए अयोग्य घोषित होंगे जिन्होंने अपनी ग्राम पंचायत की 31 मार्च 2020 तक का ऑडिट नहीं कराया है.

जानकारी के अनुसार, ऐसे 500 मुखिया हैं जिन्होंने अपने ग्राम पंचायत का ओडिट नहीं कराया है. पंचायती राज विभाग ने कहा है कि अगले दो सप्ताह में ऑडिट रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत करने वाले मुखियों को पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया जाएगा.

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इधर, रविवार को विभाग के अपर प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने इस संबंध में सभी जिलों के डीएम, डीडीसी और जिला पंचायतीराज पदाधिकारियों को आदेश दे दिया है. साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से अद्यतन रिपोर्ट मांगी है कि किस-किस ग्राम पंचायत ने मार्च 2020 तक ऑडिट कराया है और किनका अब तक बाकी है.

बता दें कि Bihar Panchayat Chunav 2021 की तिथि की घोषणा होना अभी बाकी है जबकि Election Symbol का अलॉटमेंट कर दिया गया है. सबसे पसंदीदा मुखिया पद के लिए मोतियों की माला से लेकर टेलीविजन तक का सिम्बल मिला है. मुखिया के लिए कुल 29 सिम्बल को अलॉट किया गया है.

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वहीं, वार्ड सदस्यों के प्रत्याशियों के लिए पांच सिंबल निर्धारित हैं. हर घर जल का नल, पक्की गली नली जैसी योजनाओं का कार्यान्वयन वार्ड सदस्यों के हाथों में जाने के बाद इस बार के चुनाव में इनके प्रति लोगों का रुचि बढ़ गई है. ऐसे में इनके लिए अलॉट किए गए सिंबल वायुयान, अलमारी, कुल्हाड़ी, गुब्बारा व केला चिन्ह को बढ़ाया जा सकता है. जबकि ग्राम कचहरी के सरपंच पद के प्रत्याशियों के लिए 19 सिंबलों का निर्धारण किया गया है.

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