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Jaipur News: पिंक सिटी में खुली स्वच्छता की पोल, IT Cell में लगा शिकायतों का अंबार

Jaipur: जयपुर में शिकायतों के लिए संभागीय आयुक्त कार्यालय (Divisional Commissioner Office) में आईटी सेल (IT Cell) शुरू होते ही शिकायतों का अंबार लगना शुरू हो गया है. पहले शहर समस्या मसलन सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण जैसी शिकायतें हेस्पलाइन नंबर दर्ज होती थी.

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हेल्पलाइन नंबर पर शिकायतों का निपटारा होता था, लेकिन ज्यादातर शिकायतें ठंडे बस्ते में चली जाती थी. संभागीय आयुक्त कार्यालय में आईटी सेल शुरू होने के साथ ही नगर निगम के कामकाज की भी पोल खुलने लगी है. संभागीय आयुक्त कार्यालय के आईटी सेल में ज्यादातर लोग शिकायतें लेकर कार्यालय में पहुंच रहे हैं. हर सेक्टर की शिकायतें मिलने के बाद संबंधित विभागों को भेजकर रिपोर्ट मांगी जा रही हैं.

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स्वच्छता के दावे की खुली पोल
जयपुर शहर में सफाई को लेकर शहरी सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं. शहर की मुखिया स्वच्छता रैकिंग में नंबर वन लाने का दावा कर रही हो, लेकिन तस्वीर उलट ही नजर आ रही है. संभागीय आयुक्त कार्यालय में आईटी सेल शुरू होने के 15 दिन में शहर में डोर टू डोर कचरा संग्रहण और सफाई को लेकर करीब 300 शिकायतें मिली हैं. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा (Samit Sharma) ने दोनों नगर निगम के स्वच्छता से जुड़े अधिकारियों को सप्ताह में दो दिन सुबह 7 बजे फील्ड में निरीक्षण करने के निर्देश दिए है. इसके साथ ही दोनों निगम के जोन उपायुक्तों को भी मॉनिटरिंग करने को कहा है.संभागीय आयुक्त ने शिकायतों के बाद विशेषकर परकोटा क्षेत्र में सफाई पर जोर देने के निर्देश दिए हैं.

शिकायत के बाद एक्शन में संभागीय आयुक्त
संभागीय आयुक्त डॉक्टर समित शर्मा का कहना है कि डोर टू डोर कचरा संग्रहण (Door to Door Garbage Collection) में लापरवाही की शिकायतों के साथ ही परकोटा क्षेत्र से अवैध निर्माण और अतिक्रमणों की भी शिकायतें मिल रही हैं. शिकायतों को लेकर निगम अधिकारियों को मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए है. संभागीय आयुक्त डॉक्टर समित शर्मा का कहना है कि निगम अधिकारियों को अवैध निर्माण और अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई में में मौके की फोटोग्राफी करवाने के साथ पारदर्शिता रखने को कहा है.

अब बजेगा हूपर, उठेगा कचरा
नगर निगम हैरीटेज के 100 वार्ड में करीब 4300 और ग्रेटर के 150 वार्ड में 3200 सफाई कर्मचारी काम करते हैं. हैरीटेज में एक वार्ड में औसतन करीब 43 सफाई कर्मचारी होने के बावजूद नियमित सफाई नहीं होने पर संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों से जवाब मांगा है. ग्रेटर क्षेत्र के एक वार्ड में औसतन 21 सफाई कर्मचारियों की संख्या है. आयुक्त ने निगम से सफाई को लेकर सवाल खड़े किए तो निगम ग्रेटर के अधिकारियों ने निगम ग्रेटर शहर में डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करने की जानकारी दी. पायलट प्रोजेक्ट के तहत परीक्षण पर मानसरोवर जोन के वार्ड 86 और 87 में निगम के 7 हूपर लगाकर सुबह-शाम डोर टू डोर कचरा संग्रहण का दावा किया जा रहा है. यह सफल रहा तो शहर में धीरे-धीरे निगम खुद ही डोर टू डोर कचरा संग्रहण करेगा. यानि आने वाले दिन में पिंक सिटी के लोगों की शिकायत का समाधान जल्द होने वाला है.

COPY-SUJIT KUMAR NIRANJAN

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