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Rajasthan में ERT Commandos को नहीं मिल रहा वर्दी भत्ता गृह सचिव को लिखा गया पत्र

Jaipur: केंद्र सरकार (Central Government) सेना और पुलिस को मजबूत करने में जुटी है, लेकिन राजस्थान (Rajasthan) में इसका उलट दिखाई दे रहा है. हालात यह है कि प्रदेश में जवानों को इतना पैसा भी नहीं दिया जा रहा कि वो निर्धारित पूरी वर्दी पहन सकें.

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यह व्यवहार भी उन कमांडों के साथ किया जा रहा है, जो वीवीआईपी सुरक्षा, आतंकी और हथियारबंद अपराधियों से उत्पन्न खतरों को दूर करने में तैनात हैं.

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राज्य में पुलिस जवानों को राज्य सरकार (State Government) की ओर से वर्दी आयटम दिए जा रहे थे. इस बीच 18 अगस्त 2020 को गृह विभाग से कांस्टेबल से एएसआई तक पुलिसकर्मियों को वर्दी आयटम के बजाय सालाना एक मुश्त 7000 रुपये भत्ता देने के आदेश जारी किए गए. इधर इन आदेशों के बाद इस राशि में ईआरटी कमांडों के लिए वर्दी आयटम खरीदना परेशानी का सबब बन गया है. इसका कारण विशेषीकृत बल होने के कारण ईआरटी कमांडों को सामान्य पुलिस बल के अतिरिक्त विशेष आयटम की जरूरत होती है. अब ऐसे में एडीजी एटीएस-एसओजी अशोक राठौड़ (Ashok Rathore) ने 9 फरवरी को डीजीपी को प्रस्ताव भेजकर ईआरटी कमांडों का वर्दी भत्ता 15000 रुपये कराने की मांग की है. इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने 12 मार्च को प्रमुख सचिव गृह को प्रस्ताव भेज दिया.

मुख्य बिंदु
– एडीजी एसओजी ने ईआरटी कमांडों का वर्दी भत्ता बढ़ाने के लिए तर्क भी दिए हैं
– ईआरटी का गठन इमरजेंसी परिस्थितियों में विशेषकर आतंकी हमले, बंधक बनाने, हथियारबंद अपराधियों से उत्पन्न खतरों के निवारण करने
– वीवीआईपी-वीआईपी की सुरक्षा के मद्देनजर किया गया है
– ईआरटी राजस्थान पुलिस का फर्स्ट रेस्पॉन्डर है
– ईआरटी को NSG द्वारा आयोजित ज्वाइंटकाउंटर टेररिज्म, काउंटर हाईजैक एक्सरसाइज, कैपेसिटी बिल्डिंग कोर्स में शामिल कर ट्रेंड कराया जाता है
– एयरफोर्स के गरुड़ कमांडो के साथ ईआरटी को संयुक्त अभ्यास भी कराया जाता है
– ईआरटी कमांडों को त्रेमासिक रूप से चांदमारी का अभ्यास भी कराया जाता है
– राजस्थान की ईआरटी अन्य राज्यों की स्पेशल पुलिस यूनिट जैसे ‘फोर्स वन’ महाराष्ट्र, ‘हॉक’ मध्य प्रदेश, ‘ग्रहोंडस’ आंध्र प्रदेश, ‘ऑक्टोपस’ तेलंगाना, ‘चेतक’ गुजरात, ‘एसटीएफ’ झारखंड के समान प्रशिक्षित और प्रभावित बल है.
– ईआरटी कमांडों को वर्दी भत्ता लागू होने से पूर्व सरकार से 17 हजार 284 रुपये मूल्य के 20 वर्दी आयटम मिलते थे.
– वास्तविक रूप से ईआरटी कमांडों को 24 आयटम की जरूरत है, जिन पर 23 हजार 640 रुपये खर्च हो रहे हैं.
– इनमें कुछ आयटम एक से तीन वर्ष तक की मियाद के लिए होते हैं.
–  ईआरटी में कांस्टेबल से कम्पनी कमांडर तक 333 कार्मिक कार्यरत हैं.
– इसमें कॉन्स्टेबल की स्वीकृत संख्या 252 हैं, वहीं कार्यरत 235 हैं.
– हैड कांस्टेबल की स्वीकृत संख्या 36 हैं, वहीं कार्यरत 22 हैं.
– प्लाटून कमांडर की स्वीकृत संख्या 36 है, लेकिन कार्यरत मात्र 6 हैं.
– कम्पनी कमांडार की स्वीकृत संख्या 9 है, जिनमें 4 कार्यरत  हैं.
– सरकार वर्दी भत्ता 15000 रुपये स्वीकृत करती है तो 49 लाख 95000 रुपये सालाना का वित्तीय भार आएगा.

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