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अब बगहा में भी एंटी रोमियो स्क्वाड, मनचलों की लगाएंगी अब महिला कमांडोज क्लास

Bagaha: बिहार के बगहा में महिला सुरक्षा के लिए अनूठा कदम उठाया गया है. स्थानीय प्रशाषण ने महिलाओं के प्रति बढ़ते हुए अपराध को देखते हुए महिला सुरक्षा कोषांग का गठन किया है. इसमें महिला कमांडो को शामिल किया गया है. जो महिलाओं के सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैद रहेंगी. साथ में प्रशासन ने एक हेल्पलाईन नबंर भी जारी कर दिया है, जिसपर महिला कभी भी फोन करके हेल्प मांग सकती हैं.  एसपी किरण कुमार जाधव ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान रखते हुए  ‘महिला कमांडो’ की टीम को लेकर महिला सुरक्षा कोषांग बनाया है. ये महिला कमांडोज की टीम स्कूल, कॉलेज और कोचिंग क्लासेस के बाहर तैनात रहेंगी. साथ में बस अड्डा, टेंपो स्टैंड समेत बाजारों में लफंगों और असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं के साथ छेड़खानी जैसी घटनाओं को अंजाम देने वालों को सबक सिखाएंगी.

जानकारी के अनुसार,14 मार्च से लापता आदिवासी छात्रा की रेप और हत्या के बाद बगहा में पुलिस प्रशासन ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह सख्त निर्णय लिया है. महिला कमांडोज इसके अलावा अगर कोई लड़की, छात्रा या महिला किसी मुसीबत में मदद के लिए कॉल करेंगी, तो टीम फौरन मौके पर पहुचेंगी.

इस संबंध में एसपी किरण कुमार जाधव ने बताया कि जिले में महिलाओं के साथ छेड़खानी, दुष्कर्म और बदसलूकी जैसे घटनाओं से निपटने के लिए बगहा पुलिस ने महिला कमांडोज की तैनाती की है. कमांडोज की टीम शिक्षण संस्थानों के सामने तैनात रहेंगी और छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से मनचलों पर नजर रखेंगी ताकि कोई भी छेड़खानी या बदसलूकी जैसी घटनाओं को अंजाम ना दे सके.

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महिलाओं के विरुद्ध अपराध नियंत्रण के दृष्टिकोण से महिला सुरक्षा कोषांग का गठन कर एक सरकारी मोबाइल नंबर 8757445227 जनहित में जारी किया गया है. इस नबंर पर कोई भी महिला मुसीबत में पड़ने पर महिला सुरक्षा कोषांग से संपर्क साध सकती है. जिसके बाद महिला कमांडोज की टीम मौके पर पहुंचकर और संबंधित थाना पुलिस को सूचना देकर मामले का संज्ञान लेगी.

बता दें कि बगहा में विगत 14 मार्च को एक ऑटो चालक द्वारा आदिवासी छात्रा के साथ दुष्कर्म कर हत्या के बाद पुलिस सख्त हुई है और इस तरह का फैसला लेकर अनूठी पहल किया है. महिला सुरक्षा कोषांग का नेतृत्व महिला सब इंस्पेक्टर बैलरी फ्रैंक करेंगी. वहीं, महिलाओं की सुरक्षा के लिए जिला में चल रहे सभी ऑटो और भाड़े पर चलने वाले वाहन मालिकों समेत चालकों का नाम नंबर थाने में अंकित कराना पड़ेगा. ताकि उन्हें आईकार्ड दिया जा सके. पुलिस का मानना है कि इस कदम से माहिलाएं बेबाकी और निडरता से रात में भी सफर कर सकती है और साथ में खुद को असुरक्षित भी महसूस करेंगी. ऑटोचालक के गले में आईकार्ड रहने से महिलायें घर वालों को चालक की पहचान बता सकेंगी. महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही महिला कोषांग के अधिकारी और कर्मी अब अपनी ड्यूटी में 24 घंटे चौकन्ना हैं.

(इनपुट-इमरान अजीज)

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