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जानिए कौन हैं दत्तात्रेय होसबोले? जिन्हें माना जाता है पीएम मोदी का करीबी, चुने गए हैं RSS के नए सरकार्यवाह

नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नए सरकार्यवाह या महासचिव, दत्तात्रेय होसबोले चुने गए हैं. वह सुरेश ‘भैयाजी’ जोशी की जगह लेंगे, जो पिछले 12 सालों से सरकार्यवाह का पद संभाल रहे थे. बेंगलुरु के चेन्नहल्ली स्थित जनसेवा विद्या केंद्र में चल रही आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक में होसबोले को नया सरकार्यवाह चुना गया. उनका कार्यकाल 3 सालों का होगा. इससे पहल होसबोले आरएसएस में सह सरकार्यवाह का पद संभाल रहे थे.

बता दें कि आरएसएस चीफ या सरसंघचालक जहां संगठन के गाइड की तरह काम करते हैं. वहीं सरकार्यवाह संघ में होने वाले हर दिन की गतिविधियों के इंचार्ज होते हैं.

कर्नाटक में हुआ जन्म
दत्तात्रेय होसबोले का जन्म 1 दिसंबर 1955 को कर्नाटक के शिमोगा जिले के सोराबा इलाके में हुआ था. होसबोले साल 1968 में आरएसएस के साथ जुड़े थे. इसके बाद वह 1972 में एबीवीपी से जुड़े और 12 सालों तक एबीवीपी के संगठन महामंत्री के पद पर अपनी सेवाएं दी.

बीजेपी के इन नेताओं के साथ कर चुके हैं काम 
एबीवीपी में सेवा देने के दौरान दत्तात्रेय होसबोले भाजपा को मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रहलाद जोशी और मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ काम कर चुके हैं. साथ ही हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर, बीजेपी मध्य प्रदेश के वीडी शर्मा और भाजपा महासचिव दिलीप सेकिया ने भी एबीवीपी में अपना करियर होसबोले के समय में ही शुरू किया था.

पीएम मोदी के माने जाते हैं करीबी
2004 में होसबोले को संघ में सह बौद्धिक प्रमुख चुना गया. जिसके बाद 2009 में वह सह-सरकार्यवाह बनाए गए. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, दत्तात्रेय होसबोले को पीएम मोदी का करीबी माना जाता है. होसबोले कन्नड़ में छपने वाली मासिक पत्रिका असीमा के संस्थापक भी हैं. इनके अलावा गुवाहाटी में यूथ डेवलेपमेंट सेंटर और वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन ऑफ स्टूडेंट एंड यूथ के गठन में भी दत्तात्रेय होसबोले की अहम भूमिका रही है.

5 भाषाओं के हैं जानकार
होसबोले ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई बेंगलुरु के प्रसिद्ध नेशनल कॉलेज से की है. इसके बाद उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में मास्टर की डिग्री हासिल की. होसबोले पांच भाषाओं, हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, कन्नड़ और संस्कृत के जानकार हैं. इतना ही नहीं होसबोले ने ब्रिटेन और अमेरिका में भी स्वयंसेवक संघ के संगठन का काम किया है.

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