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CM योगी हुए मेहरबान, गोरखपुर रेडीमेड गारमेंट्स के कारोबार को मिलने लगी रफ्तार

गोरखपुर: रेडीमेड गारमेंट्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छिटपुट काम तो गोरखपुर में कई साल से हो रहा था. लेकिन यहां के उद्यमियों के सामने पहचान और बड़े बाजार का संकट था. अक्टूबर 2020 के अंत में योगी सरकार ने रेडीमेड गारमेंट्स को महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल किया, तो इस उद्यम क्षेत्र को पंख लगने लगे हैं. पहले से कार्यरत लोगों का हौसला बढ़ा है और अपनी यूनिट लगाने को तमाम नए लोग भी सामने आए. यहां रेडीमेड गारमेंट्स के क्षेत्र की संभावना को परखने वाले सीएम योगी की मंशा गोरखपुर को इस कारोबार का हब बनाने की है. इसी के दृष्टिगत यहां टाउनहाल मैदान में ओडीओपी-रेडीमेड गारमेंट्स प्रदर्शनी लगाई गई है.

प्रवासी कामगारों को नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर
गोरखपुर जिले में रेडीमेड गारमेंट्स की करीब 500 यूनिट हैं. 5 से 20 मशीनों वाली छोटी और मध्यम स्तर की. ओडीओपी में शामिल किए जाने के बाद यह संख्या तेजी से बढ़ रही है. कोरोना काल मे लगे लॉकडाउन में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार दूसरे शहरों से लौटे. इनमें करीब 12000 की संख्या उन कारीगरों की रही, जो मुंबई, सूरत या लुधियाना की रेडीमेड गारमेंट्स फैक्ट्रियों में काम करते थे. ओडीओपी में शामिल किए जाने से इन कारीगरों के स्थानीय रेडीमेड गारमेंट्स यूनिट में ही सेवायोजित होने की राह खुली है. रेडीमेड गारमेंट्स के लिए कच्चे माल यानी टेक्सटाइल की भी यहां खासी उपलब्धता है.  टेक्सटाइल सेक्टर में यहां तीन बड़े प्रोसेसिंग हाउस, तीन स्पिनिंग यूनिट और दो निटिंग यूनिट हैं. इसके अलावा पॉवरलूम की छोटी बड़ी करीब 4000 इकाइयां हैं. कच्चा माल और स्थानीय स्तर पर श्रम शक्ति की उपलब्धता को परखकर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेडीमेड गारमेंट्स को गोरखपुर का दूसरा ओडीओपी उत्पाद चुना.

उद्योग विभाग की ओर से किया गया प्रदर्शनी  का आयोजन
इस ओडीओपी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल जनवरी माह में यहां आकर उद्यमियों के साथ बैठक कर चुके हैं. इस बैठक के बाद सरकार यहां गारमेंट पार्क बनाने की तैयारी में भी जुटी है. गारमेंट पार्क में निवेश के लिए 150 से अधिक उद्यमी दिलचस्पी दिखा चुके हैं. ओडीओपी के तहत रेडीमेड गारमेंट्स यूनिट लगाने पर 25 प्रतिशत अनुदान पर ऋण की व्यवस्था की गई है. यूनिटों का विकास क्लस्टर बनाकर किए जाने की कवायद भी चल रही है, साथ ही यहां तैयार वस्त्रों को ई कामर्स प्लेटफार्म पर ले जाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है. इसी क्रम में स्थानीय स्तर पर कारोबार को पहचान व बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी का आयोजन उद्योग विभाग की ओर से किया गया है.

किसी से कम साबित नहीं होंगे गोरखपुर के उद्यमी
रेडीमेड गारमेंट्स प्रदर्शनी में करीब 50 स्टालों पर रखे जिंस, शर्ट, टीशर्ट, लेगिंग्स, लोअर, स्पोर्ट्स गारमेंट, लेडीज डिजाइनर वस्त्र आदि उत्पाद क्वालिटी में बड़े ब्रांड को टक्कर दे रहे हैं. वह भी बड़े ब्रांडों से काफी कम कीमत पर. सेवा भारती जैसे संगठनों के स्वयंसेवी समूह की महिलाओं ने भी बेहतरीन उत्पादों का यहां प्रदर्शन किया है. कम कीमत और अच्छी गुणवत्ता के चलते प्रदर्शनी में रखे उत्पादों की लोग खूब खरीदारी भी कर रहे.

क्या बोले लघु उद्योग के जिला अध्यक्ष 
लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष दीपक कारीवाल कहते हैं कि कई सालों से गोरखपुर की पहचान हैं.डलूम कपड़े के लिए रही है. मगर एक अंतरराष्ट्रीय पहचान अभी तक नहीं बन पाई थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रेडीमेड गारमेंट्स को ओडीओपी में शामिल किए जाने से उद्यमियों के हौसला बढ़ा है. सरकार की यह पहल कपड़ा उद्योग के लिए वरदान जैसी है. यहां छोटे छोटे रूप में कार्य करने वाले सैकड़ों लोगों के लिए एक जगह संगठित होंकर कार्य करने का अच्छा अवसर होगा. मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अधिकारी इन्हें माहौल और सहूलियत उपलब्ध करा दें तो, यहां के उद्यमी किसी भी बड़े शहर से कम साबित नहीं होंगे. घरेलू महिलाओं की आत्मनिर्भरता के लिए तो यह बड़ा अवसर बन सकता है. योगी जी के प्रयासों से अब गोरखपुर को भी एक अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी.

निट्रा के प्रशिक्षण से प्रतिस्पर्धा को तैयार हुए उद्यमी
रेडीमेड गारमेंट्स प्रदर्शनी के दौरान भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की संस्था नॉदर्न इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (निट्रा) की टीम ने उद्यमियों को डिजाइन, बाजार और निर्यात की संभावनाओं पर गहन प्रशिक्षण दिया. चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल इस प्रशिक्षण को आज की जरूरत और बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं. उनका कहना है कि इस प्रशिक्षण से यहां के उद्यमी देश स्तर पर प्रतिस्पर्धा को तैयार हुए हैं. निट्रा की टीम आगे भी उद्यमियों को कारोबारी सफलता के टिप्स देती रहेगी. अच्छी बात यह है कि इस प्रदर्शनी में मशीनरी के स्टाल भी लगाए गए.

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