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ममता बनर्जी पर जमकर बरसे PM Modi, बोले- Whatsapp के ठप्प पड़ने परेशान हुए लोग, लेकिन बंगाल में…

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पर शनिवार को खुलकर हमला बोला और कई आरोप लगाए. पीएम मोदी ने न सिर्फ ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पर तंज कसा, बल्कि व्हाट्सऐप (Whatsapp) डाउन होने का भी जिक्र करते हुए बंगाल में विकास को ठप्प बतलाया. प्रधानमंत्री ने शुक्रवार रात 50 मिनट तक व्हाट्एसऐप की सेवा ठप्प पड़ने का जिक्र करते हुए कहा, ‘लोगों को इससे परेशानी हुई. लेकिन बंगाल में विकास 50 साल से ठप्प पड़ा हुआ है…आपके सपने 50 साल से साकार नहीं हो पा रहे हैं.’

ममता के भतीजे पर PM मोदी का निशाना
प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के भतीजे पर निशाना साधते हुए कहा कि अभिषेक राज्य में ‘सिंगल विंडो’ हैं और उन्हें पार किए बिना कोई काम नहीं होता है. पश्चिम बंगाल में तीन दिनों में अपनी दूसरी रैली में प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि उद्योग बंद हो रहे हैं, जबकि सिंडिकेट संस्कृति और माफिया राज फल-फूल रहा है.

मोदी ने तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख पर ऐसा प्रशासन चलाने का आरोप लगाया, जिसमें ‘तोलाबाज’ (उगाही करने वाले) और भ्रष्ट लोग भरे पड़े हैं. राज्य में इस माह के अंत से आठ चरणों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टिकरण का ‘खेला’ (खेल) कर रही हैं.

प्रधानमंत्री का आरोप

मोदी ने आरोप लगाया, ‘औद्योगिक इकाइयां बद हो रही हैं. उद्योगों को जल्दी मंजूरी देने के लिए एक सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है. शेष देश भाजपा द्वारा लाये गये सिंगल विंडो सिस्टम के तहत आगे बढ़ रहा है.’ उन्होंने डायमंड हार्बर से सांसद एवं ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम लिए बगैर आरोप लगाया, ‘‘एक तरफ देश निरंतर सिंगल विंडो सिस्टम की तरफ बढ़ रहा है, ताकि कारोबारियों, उद्यमियों को यहां-वहां भटकना ना पड़े. लेकिन पश्चिम बंगाल में अलग प्रकार का सिंगल विंडो सिस्टम है, देशवासियों को अभी इसके बारे में पता नहीं है. यह सिंगल विंडो है- भाइपो विंडो.’’

भाजपा अक्सर ही अभिषेक बनर्जी पर सिंडिकेट चलाने और आम आदमी से जबरन वसूली के आरोप लगाए हैं. स्थानीय संदर्भ में सिंडिकेट का मतलब कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा चलाये जा रहे गिरोह से है. मोदी ने 2018 के पंचायत चुनाव के बाद से तृणमूल कांग्रेस द्वारा भाजपा के करीब 130 कार्यकर्ताओं की कथित हत्या का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया, ‘ममता दीदी बर्बरता का स्कूल चलाती हैं, जिसके पाठ्यक्रम में तोलाबाजी (उगाही), कट मनी, सिंडिकेट और अराजकता शामिल है.’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘यहां तक कि केंदु का पत्ता बेचने के लिए आदिवासियों को (जंगलमहल में) कट मनी देनी पड़ती है.’

‘खेला होबे’ पर राजनीति

भाजपा को ममता द्वारा बाहरी बताने के दावे को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बंगाल में भाजपा एकमात्र असली पार्टी है. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी और वह बंगाल के बेटे थे. बंगाल भाजपा के डीएनए में है.’ उन्होंने ‘खेला होबे’ (खेल होगा) नारे को लेकर ममता का उपहास करते हुए कहा ‘‘ दीदी खेला शेष होबे, विकास आरंभ’’ अर्थात दीदी खेल खत्म होगा और विकास आरंभ होगा.

केन्द्र की स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने इसे लागू नहीं किया क्योंकि उसे लगा कि इसका श्रेय केन्द्र को जाएगा. प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया, ‘राज्य की मुख्यमंत्री केंद्र की योजनाओं को रोकने के लिए दीवार की तरह खड़ी हैं.’ उन्होंने डबल इंजन की सरकार (केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होने) से बंगाल में तेजी से विकास होने की भी बात कही.

‘पांच साल में ठीक कर देंगे बर्बादी’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘बंगाल ने कांग्रेस का कारनामा, वाम की बर्बादी देखी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने आपके सपनों को चूर-चर कर दिया.’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा को पांच साल दीजिए. उनके द्वारा की गई बर्बादी को हम सिर्फ पांच साल में ठीक कर देंगे.’ उन्होंने कहा कि ममता सरकार नयी शिक्षा नीति का विरोध कर रही है, जो यहां तक कि उच्चतर तकनीकी संस्थानों में निर्देश के माध्यम के रूप में स्थानीय भाषा के उपयोग पर जोर देती है.

उन्होंने कहा, ‘हम गरीब परिवार के बच्चों के डॉक्टर बनने के सपनों को साकार करना चाहते हैं, लेकिन दीदी (ममता) इस नीति की विरोधी हैं.’ प्रधानमंत्री ने शुक्रवार रात 50 मिनट तक व्हाट्एसऐप की सेवा ठप्प पड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को इससे परेशानी हुई. लेकिन बंगाल में विकास 50 साल से ठप्प पड़ा हुआ है…आपके सपने 50 साल से साकार नहीं हो पा रहे हैं. मोदी ने तृणमूल कांगेस के चुनाव प्रचार अभियान ‘दीदी के बोलो’ का संभवत: जिक्र करते हुए कहा, ‘बंगाल के लोग बोल रहे हैं हम दीदी से कह रहे हैं, लेकिन वह नहीं सुन रही हैं.

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