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Rajasthan News : स्थानीय स्तर पर होगा समस्याओं का समाधान, इस तरह होगी जनसुनवाई

Jaipur : प्रदेशभर से छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर राजधानी आने वाले फरियादियों का अब इससे निजात मिल जाएगा. लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग ने त्रिस्तरीय जनसुवाई करने के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं. इसके तहत पंचायत, कलेस्टर, उप खंड और जिला स्तर पर सुनवाई (Public Hearing) हो सकेगी. इसके साथ ही प्रशासनिक सुधार विभाग ने उपखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक विभागों के औचक निरीक्षण (Surprise inspection) करने के निर्देश जारी किए हैं.

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जनसुवाई को लेकर मंत्री हरीश चौधरी (Harish Choudhary) ने कहा कि सरकार आम जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है. उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो इसके लिए सीएस ने जनसुवाई का कार्यक्रम जारी किया है. जनसुनवाई में पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, सफाई, खाद्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, सड़क की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाएगा.

जिला स्तर, उपखण्ड स्तर और ग्राम पंचायत, कलेस्टर स्तर पर होगी जन सुनवाई

महीने के पहले शुक्रवार को जिला कलेक्टर स्तर पर जिला स्तरीय जन सुनवाई होगी. इसमें सांसद ,विधायक, जिला प्रमुख व अन्य जन प्रतिनिधि शामिल होंगे. एसपी, जिला स्तरीय अधिकारी, आयुक्त नगर परिषद और नगर निगम, सचिव नगर विकास न्यास भी शामिल होंगे.

उपखण्ड स्तरीय जन सुनवाई माह के अंतिम शुक्रवार को होगी.
विधायक, प्रधान, पंचायत समिति, जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य होंगे शामिल.
एसडीओ, डिप्टी एसपी, विकास अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका, सहायक अभियन्ता PHED,  विद्युत वितरण निगम, PWD अफसर व अन्य उपखण्ड स्तरीय अधिकारी होंगे शामिल.

महीने के दूसरे व तीसरे गुरूवार को एसडीओ स्तर पर होगी जनसुनवाई.
ग्राम पंचायत समूह व कलस्टर्स स्तरीय जनसुनवाई होगी.
एसडीओ व उपखण्ड के विकास अधिकारियों की ओर से बनाये जाएंगे क्लस्टर्स.
संयुक्त रूप से विचार विमर्श कर क्षेत्र की 10-10 पंचायतो के क्लस्टर्स बनाये जाएंगे.

माह के दूसरे गुरूवार को उपखण्ड के प्रथम कलस्टर की होगी जनसुनवाई.
तीसरे गुरूवार को दूसरे कलस्टर में होगी जनसुनवाई.
अगले माह के दूसरे गुरूवार को तीसरे कलस्टर की होगी जनसुनवाई.
स्थिति अनुसार तीसरे गुरूवार को चौथे या प्रथम  कलक्टर में होगी जनसुनवाई.

विधायक, प्रधान, जिला परिषद पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, उपखंड अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक, उपखण्ड के विकास अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक अभिंयता PHED होंगे शामिल.
विद्युत वितरण निगम, PWD, निर्माण विभाग, सहकारिता विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े अधिकारी होंगे शामिल.
ग्राम पंचायत समूह कलस्टर्स स्तरीय जनसुनवाई में होंगे शामिल.
कलक्टर से संबंधित सारे विभागों के उपखण्ड स्तरीय अधिकारी, संंबंधित कलस्टर्स की ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी व एसडीओ  की ओर से जरूरत अनुसार अफसर, कर्मी होंगे शामिल.

इसके साथ ही विभागों के औचक निरीक्षण को लेकर प्रशासनिक सुधार विभाग (Administrative Reforms Department) ने निर्देश दिए हैं और कहा कि महीने में दो जिलों में औचक निरीक्षण होना चाहिए. जिसमें तहसील स्तर के कार्यालय भी शामिल हो.

औचक निरीक्षण को लेकर निर्देश
1 माह में कम से कम 2 जिलों में होना चाहिए निरीक्षण.
अब जिले, उपखंड और तहसील स्तर के कार्यालयों में भी औचक निरीक्षण के दिशा निर्देश तय.
हर माह में कम से कम 2 जिलों का होगा औचक निरीक्षण.
हर माह में स्थानीय स्तर पर एक उपखंड तहसील स्थित कार्यालयों और दो एचओडी या अन्य कार्यालयों का अनिवार्य रूप से होगा निरीक्षण.
वहीं, ARD अनुभाग 6 द्वारा हर माह में सेक्शन सहित कम से कम 4 विभागों का होगा अनिवार्यतः औचक निरीक्षण.  

जनसुनवाई और औचक निरीक्षणों को व्यवस्थित रूप देने से सीएम गहलोत की गुड गवर्नेंस की भावना को मूर्त रूप दिया जा सकेगा. वहीं, लोगों की स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान हो सकेगा.

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