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IPL में रन उगलेगा झारखंड के लाल का बल्ला, कभी 5वीं में हुए थे फेल अब दिखाएंगे जलवा

Ranchi: आईपीएल (IPL) दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है. दुनिया के हर खिलाड़ी चाहे किसी क्रिकेट एकेडमी में खेल का गुर सीख रहे हो लेकिन उन सबका सपना दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग में खेलकर मान-सम्मान के साथ-साथ मोटी कमाई करना है. इसी राह पर झारखंड के लाल विराट सिंह (Virat Singh) भी चल रहे हैं . पिछले साल नीलामी में 1 करोड़ 90 लाख में बिकने वाले विराट सिंह को 2020 में सनराईजर्स टीम में होने के बावजूद भी  UAE के मैदान पर अपनी क्लास दिखाने को मौका नहीं मिला था, लेकिन इस बार भारत में हो रहे आईपीएल से उनको काफी उम्मीदें होगी.

9 अप्रैल से शुरू होगा IPL 2021
दरअसल, 9 अप्रैल से दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग की शुरूआत होने वाली है. 2008 से शुरू हुआ दुनियाभर के खिलाड़ियों को लुभाने वाली इस लीग में बिहार-झारखंड के होनहार खिलाड़ी भी अपने खेल का जौहर दिखाने वाले हैं. इस लिस्ट में Chennai Super Kings (CSK) के थाला महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni), Mumbai Indian के तरफ से खेलने वाले सौरभ तिवारी, ईशान किशन,  Sunriser Hyderabad (SRH) की तरफ से अपने जौहर दिखाने वाले शाहबाज नदीम का नाम शामिल है. लेकिन अब इस लिस्ट में झारखंड के तरफ से बल्ले से जौहर दिखा रहे 23 साल के विराट सिंह का नाम भी शामिल हो गया है.

विराट का IPL सफर
धोनी और युवराज सिंह को अपना आर्दश मानने वाले विराट सिंह बचपन के जिद्द के कारण क्रिकेटर बन गए. इनकी जिदंगी की सफर बिहार के एक छोटे से जगह पूर्वी सिंहभूम से शुरू हुआ था. लेकिन बल्ले की धार ऐसी चमकाई कि 2019 के आईपीएल ऑक्शन में हैदराबाद के मालिकों को पंजाब से छीनकर उन्हें उनके बेस प्राइस 20 लाख से कई गुना दाम देकर 1 करोड़ 90 लाख देकर खरीदना पड़ा. लेकिन टीम में होने के बाद भी 2020 के यूएई के आईपीएल में उन्हें बाहर बैठना पड़ा.

5वीं में फेल होने के बाद क्रिकेट से टूटने वाला था नाता
एक कांट्रेक्टर का बेटा विराट सिंह, जिनका पूरा नाम विराट विनोद सिंह है. पूर्वी सिंहभूम (पहले बिहार) अब झारखंड में 1997 में जन्में विराट बड़ा होकर क्रिकेटर बनाना चाहते थे. लेकिन उनका ये सपना पूरा होते-होते रह जाता. जब पांचवीं क्लास में फेल हो जाने के बाद विराट के पिता ने गुस्से में उनका बैट छीनकर लॉकर रूम में बंद कर दिया था. लेकिन शुक्र है उनके कोच वेंकेटराम का जिन्होंने उनके पिता को समझा-बुझाकर विराट सिंह के लिए आगे की राहें आसान कर दी. वेकेंटराम ने कहा था, ‘इसके अंदर काफी प्रतिभा है. इससे खेलने दीजिए. ये बड़ा होकर बड़ा खिलाड़ी बनेगा.’ कोच के इस विश्वास को सही साबित करके दिखाया.

14 साल में मिली अंडर-19 में जगह
विराट मात्र 13 साल की उम्र में जिला टीम की तरफ से खेलने लगे. इसके बाद विराट सिंह ने मात्र 14 साल की उम्र में झारखंड अंडर -19 टीम में अपने बेखौफ बल्लेबाजी के दम पर सिलेक्शन करवा लिया था. हालांकि, विराट सिंह सिर्फ यहीं नहीं रूके. अगले 2 सालों में बल्ले से ऐसा कोहराम मचाया कि मात्र 16 साल की उम्र में झारखंड के सेलेक्टर उन्हें रणजी (Ranji) टीम में लेने पर मजबूर हो गए. बचपन में वेकेंटराम से कोचिंग लेकर क्रिकेट के गुर सीखने वाले विराट सिंह यहीं नहीं रूके.  2013-2014 के सीजन में ही उन्हें ईस्ट जोन के तरफ से देवधर ट्रॉफी (Deodhar Trophy) खेलने को मिल गया.

अच्छे प्रर्दशन का मिलता रहा इनाम
विराट सिंह का सफर शुरू होने के बाद मानों किसी राजधानी एक्सप्रेस की तरह सरपट दौड़ने लगा. सीजन दर सीजन रनों का अंबार. कभी शतक तो कभी अर्धशतक से भी टीम को जीत. अगले कुछ सालों में इसका उन्हें इंडिया अंडर-19, इंडिया अंडर -23  और देवधर ट्रॉफी में इंडिया-सी के सलेक्शन के रूप में इनाम मिला. लेकिन सबसे बड़ा ब्रेक उन्हें IPl 2020 के होने वाला ऑक्शन में मिला. यहां विराट को सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने उनके बेस प्राइस 20 लाख से 9 गुना दाम देकर 1 करोड़ 90 लाख देकर खरीद लिया. दिलचस्प बात देखिए, जिस दिन उनकी नीलामी हो रही थी, उस दिन वो खेल के मैदान में अपना जौहर दिखा रहे थे.

काउंटी की वजह से खेल में आया निखार
नीलामी के बाद उन्होंने बताया कि जैसे ही मैच खत्म हुआ वो होटल रूम में नीलामी देखने भागे. उन्होंने कहा कि होटल रूम मे बैठकर अपनी नीलामी देखा. अपने भाई के साथ क्रिकेट की शुरूआत करने वाले विराट सिंह ने कहा कि मेरा गेम में असली सुधार डरहम में काउंटी खेलने के दौरान आया. वहां उन्होंने सीखा की कैसे अपने पारी को आगे बढ़ाना है, कैसे बॉलर को टारगेट करना है और गेंद को छोड़ना औप मारना है. उन्होंने कहा कि  CM Park Cricket Club Durham में सीखा गया वो गुर,  क्रिकेट करियर में बहुत काम आया.

कैसा रहा है विराट सिंह का अब तक का प्रर्दशन
अपने भाई विशाल सिंह के साथ घर के लॉन में क्रिकट खेलकर घर के कांच तोड़ने वाले विराट और उनके भाई दोनों को पिता ने एडमिशन क्रिकेट एकेडमी में करवा दिया. तब से पीछे मुड़कर नहीं देखने वाले विराट सिंह ने अभी तक 30 प्रथम श्रेणी, 45 लिस्ट -ए और  61 टी-20 मैच खेले हैं.

2014 से सीनियर झारखंड टीम  के तरफ से खेल रहे विराट सिंह ने अभी तक 30 प्रथम श्रेणी के मैच के 50 पारियों में 29.60 के औसत से 1394 रन बनाए हैं. जिसमें 3 शतक और 4 अर्धशतक शामिल है. 140 रन उनका सर्वोच्च स्कोर है.

45 लिस्ट -ए  मैच के 45 पारियों में करीब 37 की औसत से 1437 रन बनाए हैं. इसमें 1 शतक और 11 बार 50 से ज्यादा के स्कोर शामिल हैं. लेकिन फटाफट वाले फार्मट यानि टी-20 की बात करें, तो विराट ने 61 मैचों में करीब 38 की शानदार औसत और 128 के धमाकेदार स्ट्राइक रेट से 1802 रन बनाए है.

विराट ने टी-20 में भी शतक लगा रखा है. विराट सिंह ने 2021 में  20 ओवर फार्मट वाला सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में धमाल मचाते हुए 5 मैचों में 250 रन बनाए. इस सीजन में वो रन बनाने वालो के लिस्ट में ओवरऑल 7 वें स्थान पर रहे हैं. सबसे खास बात रहा कि विराट सिंह ने इस सीजन एक शानदार शतक लगाते हुए 62.50 की औसत और 150 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. हालांकि, सैयद मुश्ताक वाला फार्म  विजय हजारे ट्रॉफी 2021 में बरकरार नहीं रख पाए. विराट सिंह के बल्ले से 5 मैचों में सिर्फ 188 रन निकले. .

विराट सिंह ने भले ही 2020 में  IPL में कोई मैच नहीं खेला हो, लेकिन 23 साल के विराट सिंह डेविड वॉर्नर, जॉनी बेयरस्टो, मनीष पांडे और केन विलियमसन जैसे क्रिकेट के लीजेंड के साथ फिर से ड्रेसिंग रूम शेयर करेंगे. बिहार-झारखंड के क्रिकेट फैंस को तो यही उम्मीद होगी कि बिहार का लाल आईपीएल के मैचों में अपने बल्ले से धूम मचाएंगे. अब देखना होगा यदि  विराट सिंह को मौका मिलता है तो 2021 के सैयद मुश्ताक ट्रॉफी वाला फार्म दोहरा पाते हैं कि नहीं.

(इनपुट-कुमुद रंजन)

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