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Kota के चिकित्सा विभाग में भ्रष्टाचार का झंडा बुलंद, CMHO ऑफिस का Audio Viral

Kota : राजस्थान के कोटा जिले (Kota News) के चिकित्सा महकमे में भ्रष्टाचार (Corruption) का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. एमबीएस अस्पताल में कैंसर पीड़ित मृतक आश्रित से अनुकम्पा नियुक्ति दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने और वापस लौटाने के मामले के बाद अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (CMHO) में नौकरी पर रखने की एवज में 20 से 25 हजार की रिश्वत (Bribe) मांगने का मामला सामने आया है.

पीड़ित नर्सिंगकर्मियों का आरोप है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में सहायक सैम्पल प्रभारी भंवर सिंह हाड़ा द्वारा कोविड 19 के दौरान ठेके पर रखे गए नर्सिंगकर्मियों ड्यूटी पर रखने के लिए पैसों की डिमांड की जा रही है. पैसा नहीं देने पर नर्सिंगकर्मियों को हटाया जा रहा है. नर्सिंगकर्मियों ने सहायक सैम्पल प्रभारी भंवर सिंह हाड़ा से बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल किया है, जिसमें भंवर सिंह हाड़ा, CMHO डॉ. बीएस तंवर (Dr BS Tanwar) के नाम पर नर्सिंगकर्मियों से पैसों की डिमांड कर रहा है.

भंवर सिंह हाड़ा, CMHO डॉ बीएस तंवर का नजदीकी रिश्तेदार बताया जा रहा है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने कोविड 19 के दौरान अल्फा भूतपूर्व सैनिक बहुउद्देशीय सहकारी समिति के माध्यम से करीब 80 नर्सिंगकर्मियों को काम पर रखा था. ठेके पर लिए गए नर्सिंगकर्मियों को सेम्पलिंग के काम में लगाया था. जिले में कोरोना सेम्पलिंग की रफ्तार कम होने पर कई नर्सिंगकर्मियों को हटाया दिया गया.

हटाये गए नर्सिंगकर्मियों का आरोप है कि जिन 25 से 30 नर्सिंगकर्मियों को रखा गया हैं उनसे प्रत्येक से 20 से 30 हजार रुपये की रिश्वत ली गई है. पैसा नहीं देने पर करीब 30 से 40 नर्सिंगकर्मी हटाये गए हैं. नर्सिंगकर्मियों ने सर्विस प्रोवाइडर पर भी वेतन से प्रतिमाह 1300 रुपये कमीशन लेने का आरोप लगाया हैं. हटाये गए नर्सिंगकर्मियों ने पूरे मामले की शिकायत एसीबी में करने का दावा भी किया है.

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