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Jaipur: रेलवे अधिकारियों के लिए सिर दर्द बनी यह ट्रेन वजह जानकर छूट जाएगी हंसी

Jaipur: जयपुर रेलवे स्टेशन (Jaipur Railway Station) पर एक ट्रेन अधिकारियों के लिए सिर दर्द बनी हुई है. इस ट्रेन को लेकर उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है लेकिन इस ट्रेन (Train) को लेकर कोई योजना नहीं बनाई जा रही है.

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साढ़े तीन घंटे तक एक ट्रैक पर रूके रहने से मालगाड़ियों को भी रूट नहीं मिल पा रहा है. वहीं, कुछ यात्री ट्रेनों को भी दूसरे ट्रैक पर भेजने के लिए समय की बर्बादी हो रही है. साथ ही रेलवे का खर्च भी बढ़ जाता है.

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हम बात कर रहे हैं इलाहाबाद-जयपुर-इलाहाबाद-जयपुर ट्रेन की. यह ट्रेन इलाहाबाद से चलकर दोपहर 12:30 बजे जयपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचती है. इसके बाद यह ट्रेन जयपुर से इलाहाबाद (Allahabad) के लिए दोपहर 3:30 बजे जयपुर स्टेशन से रवाना होती है. यह ट्रेन जयपुर स्टेशन पर करीब 3:30 घंटे खड़ी रहती है. यह ट्रेन सिर दर्द इसलिए बनी हुई है कि जयपुर रेलवे स्टेशन के 3 नम्बर प्लेटफार्म पर ट्रैक तीन घंटे से अधिक समय के लिए ब्लॉक हो जाता है. प्लेटफार्म-3 नम्बर ट्रैक पर आने वाली ट्रेनें को इधर-उधर ट्रैक पर बदलना पड़ता है, जिससे काफी समय की भी बर्बादी होती है और साथ ही में डीजल भी खर्च होता हैं. कह सकते हैं कि बेवजह का खर्चा रेलवे पर पड़ता है. तीन घंटे ट्रैक पर खड़े रहने से अन्य ट्रेनों को दूसरे ट्रैक पर भेजने पर हजारों यात्रियों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

बीकानेर रेलवे स्टेशन पर इसे रोकने की योजना बनाई गई थी
जानकार सूत्रों की माने तो लॉकडाउन के दौरान इलाहाबाद-जयपुर ट्रेन को जयपुर स्टेशन पर नहीं रोककर बीकानेर रेलवे स्टेशन तक भेजने की योजना बनाई थी लेकिन किन्हीं कारणों के चलते इस योजना को लागू करने से पहले ही बंद कर दिया गया है. यदि इलाहाबाद-जयपुर ट्रेन को जयपुर स्टेशन 3 घंटे से ज्यादा रोकने की बजाए यदि बीकानेर रेलवे स्टेशन तक भेजा जाए तो यात्रियों को तो लाभ होगा ही, रेलवे की आय में भी इजाफा होगा और जयपुर स्टेशन के तीसरे ट्रैक भी खाली रहने से आने वाली ट्रेनों को जगह मिल सकेगी. इससे रेलवे के अधिकारियों को भी जयादा माथापच्ची नहीं करनी पड़ेगी.

अधिकारियों ने नहीं दिया कोई जवाब
जब ज़ी मीडिया ने रेलवे अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया. अब जरूरत है तो उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारियों को इस ट्रेन को साढ़े तीन घंटे रोके रखने की बजाय अन्य रेलवे स्टेशन संचालित करे ताकि ट्रेन का उपयोग यात्रियों के काम आ सके.

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