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न कंप्यूटर कोर्स की डिग्री न डिप्लोमा, दरोगा ने बनाया ऐसा सिस्टम कि चुटकियों में हो जाते हैं थाने के सारे काम

राघवेंद्र सिंह/बस्ती: चीजों को बेहतर करने की चाह हो तो आपके रास्ते कोई रुकावट नहीं आ सकती. साथ ही तकनीक के इस युग में जितना डिजिटल का इस्तेमाल किया जाए उतना सिस्टम आसान होता है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है यूपी पुलिस के एक दरोगा ने.  उनके पास न ही कोई कंप्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री है और न ही कंप्यूटर कोर्स का डिप्लोमा. बस सीखने की चाहत और कुछ नया में एक ऐसा सिस्टम तैयार कर दिया है, जिससे थाने के काम चंद सेकंड में निपट जाते हैं.

एक क्लिक पर मिलेंगी जानकारियां
दरअसल, बस्ती जिले के वाल्टरगंज थाने के एसओ दिनेश कुमार सरोज ने गूगल तकनीक से ऐसा सिस्टम बनाया है, जिससे थानों का काम आसान हो जाएगा. बस एक क्लिक पर सभी प्रकार की जानकारियां मिल जाएंगी. उनका यह सिस्टम पूरे गोरखपुर जोन में लागू होगा. इतना ही नहीं इसकी ट्रेनिंग भी वह पूरे जोन के 196 थाने के पुलिसकर्मियों को देंगे, जिसकी शुरुआत एडीजी दफ्तर से की गई है.

गूगल तकनीक से बनाया सिस्टम
दरअसल, दिनेश सरोज  को जब थानेदार बनाया गया तो उनके सामने कई परेशानियां आईं. जैसे रिकॉर्ड में कुछ भी देखना हो तो थाने में रहना जरूरी होता था. इसके बाद ही उन्होंने गूगल तकनीक का इस्तेमाल कर एक ऐसा सिस्टम बनाया, जिससे थाने में होने वाले सभी कामकाज ऑनलाइन हो गए. कंप्यूटर, मोबाइल पर मेल की मदद से लॉगिंग कर थाने के जिम्मेदार कहीं से भी कुछ देख सकते हैं और उस पर काम कर सकते हैं.

एडीजी ने की सराहना
एडीजी अखिल कुमार ने  सिस्टम की सराहना की है. साथ ही इसे पूरे जोन में इसको लागू करने का आदेश भी जारी कर दिया. जल्द ही जोन के सभी थाने से एक-एक पुलिस वालों को एनेक्सी भवन बुलाकर ट्रेनिंग दी जाएगी. थाने में कितने प्रार्थना पत्र आए और उस पर क्या कार्रवाई हुई.

मिलेंगी ये जानकारियां
1.ऑनलाइन ही मुकदमे का आदेश करना और मुंशी द्वारा उस पर कार्रवाई कर देना.
2.थानेदार मुकदमे या फिर किस मामले में क्या कार्रवाई हुई उसकी जानकारी बिना पूछे देख सकते हैं.
3. इलाके के एक गांव का विवरण, उस गांव के प्रमुख लोगों के मोबाइल नंबरों का अलग डाटा.
4.बदमाश, हिस्ट्रीशीटर किस इलाके के हैं और कहां पर हैं, इसका ऑनलाइन अपडेट.
5. कोई फरियादी कितनी बार प्रार्थना पत्र दिया, इसकी पूरी जानकारी.
6. प्रार्थना पत्र को देखने के लिए नाम टाइप करते ही पता चल जाएगा कि कितने दिन पहले आया था.
7. प्रार्थना पत्र साल भर पहले या उससे भी पहले का हो तो भी वह प्रार्थना पत्र सामने होगा.

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