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Rajasthan: सदन में गूंजा फोन टैपिंग का मुद्दा, गहलोत सरकार आज देगी जवाब

Jaipur: फोन टैपिंग मामले में राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Vidhansabha) में मंगलवार को दिनभर चला गतिरोध रात को खत्म हो गया. स्पीकर ने इस मामले में चर्चा का आश्वासन दिया, जिसके बाद बीजेपी (BJP) विधयाकों ने सदन में चल रहा धरना खत्म कर दिया. वहीं, विधायक मदन दिलावर के सात दिन के निष्कासन को लेकर स्पीकर ने उन्हें बुधवार को ‘ना-पक्ष लॉबी’ तक आने की अनुमति दी है.  सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद उन्हें सदन में लाने पर फैसला होगा.

दरअसल, फोन टैपिंग (Phone Tapping) मामले को लेकर बीजेपी विधायकों ने सदन में हंगामा किया और धरने पर बैठ गए. इसके बाद स्पीकर सीपी जोशी के कमरे में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया बातचीत के लिए गए, जहां स्पीकर ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया.

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इसके बाद बीजेपी ने अपना धरना खत्म कर दिया. पूनिया ने कहा कि स्पीकर ने आश्वासन दिया है कि बुधवार को प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में बीजेपी नेता फोन टैपिंग पर बोलेंगे. इसके बाद सरकार की ओर से सदन में वक्तव्य दिया जाएगा.

सतीश पूनिया ने कहा कि फोन टैपिंग का मुद्दा तो पहले भी बड़ा था, मगर अगस्त के सवाल का जवाब अब आया है. उन्होनें कहा कि जो जवाब मांगा गया था, वैसा सरकार ने नहीं दिया. लेकिन फोन टैपिंग की बात का कबूलनामा सरकार की नीयत पर शक पैदा करता है. इस प्रश्न के जवाब में फिर से इस मुद्दे को जिंदा किया.

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पूनिया ने कहा कि हमने यह जरूरी समझा कि सरकार इसका जवाब दे और जवाब भी तब दे, जब बीजेपी की तरफ से इस पर सदन में अपनी बात रखी जाए. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी ने यह मांग की और इस पर स्पीकर के स्थगन रिजेक्ट करने के बाद गतिरोध हो गया. लोकसभा में भी मंगलवार को यह मामला उठा और बुधवार को राज्यसभा में यह मामला गूंजेगा.

वहीं, प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि फोन टैपिंग करने के बाद सरकार को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रहा. राजेंद्र राठौड़ ने हेगड़े सरकार समेत कुछ उदाहरण गिराते हुए कहा कि इससे पहले भी फोन टैपिंग की पुष्टि होने के बाद सरकारों को इस्तीफा देना पड़ा है. राठौड़ ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले में बीजेपी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक जाएगी.

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