Dale Hawerchuk Womens Jersey  छोटा कद ऊंचे सपने – Bharat Live News

छोटा कद ऊंचे सपने

ऐक डुब प्रभावित ऐसा भी जो उदाहरण बना हुआ है..

जहां ऐक और मुआवजे और अन्य मांग को लेकर कई लोग टिन शेड में रह रहै है वहीं ऐक आदमी ऐसा भी है जिसने हार नहीं मानी

अंजड–
अगर इच्छाशक्ति मजबूत और हौसले बुलंद हो तो दुनिया की कोई ताकत आपको लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।
इसी हौसले की वजह से छोटा बडदा के छोटु लोगों के लिए मिसाल बने हुऐ हैं। सिर्फ तिन फीट हाइट के नानुराम उर्फ छोटू ने अपनी शारीरिक अक्षमता को कभी काम के आगे आड़े नहीं आने दिया।

इन्होंने न सिर्फ खुद का महत्व साबित किया, बल्कि आज अपने दो बच्चों को भी पढा लिखा कर सक्षम बनाने में लगे हैं।

नानुराम उर्फ छोटू ने बताया बचपन से आज तक न जाने कितनी बार मुझे परेशानियों को झेलना पड़ी, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी। दस भाई बहनों में नौवें नंम्बर के छोटू बचपन से लाइलाज आस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा बीमारी से पीड़ित छोटू की हाइट मात्र 3 फीट 1 इंच है। इसके बावजूद इन्होंने कभी हार नहीं मानी छोटू कहते हैं माँ बाप ने हमेशा सामान्य बच्चों की तरह परवरिश की।

छोडा बडदा कि स्कूल में शिक्षा दिलवाई। बचपन से कुछ न कुछ करने कि इच्छा रखने वाले छोटू ने पहले छोटा बडदा कि प्रायमरी स्कूल के बाहर गोली बिस्कुट बेचकर घर चलाते थे तिन बच्चे भी है ऐक लडकी है जिसकी शादी हो चुकी है, दो लडके है सतीश और राजेश दोनों 6टीं में पढते है नर्मदा नदी में डुब में जाने के बाद परिवार को लेकर अंजड के पुनर्वास स्थल पर रहने के लिए रहने आ चुके है, छोटू को 5 लाख 80 हजार रुपये के अनुदान कि राशी भी अभी तक नहीं मिली है। छोटा कद होने कि वजह से कोई दुसरा काम करनै के बजाय सब्जी मंडी से सब्जियों को लाकर बेचने का काम शुरू किया जो अच्छा चल रहा है। जिसमें उनकी पत्नी भी मदत करती है। इससे पहले चने परमल बेचता था

छोटू रोज सुबह 5 बजे उठकर राजपुर कि सब्जी मंडी से थोक भाव में सब्जियों को खरीदने निकलते है वहां से अंजड लाकर गली महोल्ला में खेरची बेचकर रोजाना 200 से 300 रूपयों तक कमा लेते है।
मेरा छोटा कद देखते ही लोग मजाक भी बनाते है । मैं अलग था , इसलिए अलग तरीके से सोचना शुरू किया। मैंने अपने बच्चों के भविष्य के लिए कुछ करने की ठानी। ऐक बच्ची को पढा कर शादी करदी और दो बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की शुरुआत की, क्योंकि वहीं से आप आधी जंग जीत लेते हैं।

खुद में विश्वास रखें

पहले खुद पर विश्वास करना सीखें, तभी लोगों का आप में विश्वास पैदा होगा। यकीन मानिए दौड़ शुरू करने से मुश्किल है उसे शुरू करने की हिम्मत जुटाना। यदि मैं कर सकता हूं तो आप क्यों नहीं। अगर आप आगे बढ़ने की शुरुआत करते हैं तो रास्ते अपने आप बनते जाते हैं।

छोटू निमाडी भाषा में कहते है जो भी चुनौतीन आव्हज वो अपणक मजबूत बणाण का लेण आवज।
बस कोशिश कअर्या करों..

(जिवन में जो भी चुनौतीयाँ आती है वो हमको मजबूत बनाने के लिए आती है बस कोशिश करते रहो)

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